यूपी में 930 कंप्यूटर ऑपरेटरों को मिला नियुक्ति पत्र,सीएम बोले-‘स्मार्ट पुलिसिंग के लिए बनें डिजिटल वॉरियर्स

UP Police Recruitment 2026 लखनऊ :  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मिशन रोजगार के तहत उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) अभ्यर्थियों को लोकभवन में नियुक्ति पत्र वितरित किए. इस अवसर पर उन्होंने सभी नवचयनित युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से पूरा करने के लिए भर्ती बोर्ड की सराहना भी की.

 

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930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) अभ्यर्थियों को लोकभवन में नियुक्ति पत्र मिला

UP Police Recruitment 2026 : अनुशासन और जिम्मेदारी का संदेश

मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारी सेवा में आत्म-अनुशासन सबसे बड़ी आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि ड्यूटी के प्रति गंभीरता और जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए. सोशल मीडिया के दौर में कार्यस्थल पर रील बनाना या ऐसा कोई कार्य करना जिससे विभाग की छवि प्रभावित हो, अनुशासनहीनता माना जाएगा. उन्होंने कहा कि सभी अभ्यर्थी टीम भावना, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कार्य करें.

यूपी पुलिस ने बनाई नई पहचान

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश पुलिस ने जनसेवा को केंद्र में रखकर कार्य किया है, जिसके कारण उसकी एक नई पहचान बनी है. उन्होंने कहा कि आज यूपी पुलिस मॉडल पुलिसिंग का उदाहरण बन चुकी है. केवल संख्या बल ही नहीं, बल्कि तकनीक, दक्षता और त्वरित कार्रवाई के आधार पर भी यूपी पुलिस देशभर में अपनी अलग छवि बना रही है.

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बनें डिजिटल वॉरियर्स-सीएम योगी

2017 से पहले और आज के उत्तर प्रदेश का अंतर

मुख्यमंत्री ने नवचयनित युवाओं से कहा कि वे अपने अभिभावकों और गुरुजनों से 2017 से पहले के उत्तर प्रदेश की स्थिति के बारे में अवश्य पूछें. उन्होंने कहा कि उस समय कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चुनौतियां थीं और अक्सर दंगे तथा कर्फ्यू जैसी स्थितियां उत्पन्न होती थीं. लेकिन पिछले नौ वर्षों में राज्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है और नागरिकों को बेहतर सुरक्षा का वातावरण मिला है.

पुलिस सुधारों को मिली नई गति

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली की चर्चा 1972 से हो रही थी, लेकिन इसे लागू नहीं किया जा सका था. उनकी सरकार ने इसे लागू कर पुलिस सुधारों को नई दिशा दी. उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के सात जनपदों में कमिश्नरेट व्यवस्था लागू है, जिससे पुलिस प्रशासन अधिक प्रभावी और जवाबदेह बना है.

अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अपराधियों और उपद्रवियों का मनोबल बढ़ा हुआ था. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तक सुरक्षित नहीं थे. लेकिन अब कानून का राज स्थापित हुआ है और अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में कई बड़े मामलों में दोषियों को कठोर सजा दिलाई गई है, जिससे अपराधियों में कानून का भय पैदा हुआ है.

नौ वर्षों में सवा दो लाख पुलिस भर्ती

मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की है. पिछले नौ वर्षों में बिना किसी भेदभाव और सिफारिश के करीब सवा दो लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती की गई है. हाल ही में 35 हजार पुलिस आरक्षियों की भर्ती परीक्षा में 28 लाख युवाओं ने भाग लिया. इसके अलावा 41 हजार होमगार्ड पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.

प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाकर बदली तस्वीर

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार बनने के बाद यह महसूस किया गया कि भर्ती प्रक्रिया और प्रशिक्षण व्यवस्था दोनों को मजबूत करना आवश्यक है. पहले सीमित प्रशिक्षण क्षमता के कारण भर्ती पूरी होने में लंबा समय लगता था. सरकार ने प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई, जिसके परिणामस्वरूप पिछले वर्ष 60,244 पुलिस कर्मियों को प्रदेश के भीतर ही प्रशिक्षण देकर फील्ड में भेजा गया.

फॉरेंसिक और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस किया जा रहा है. पहले प्रदेश में केवल चार फॉरेंसिक प्रयोगशालाएं थीं, जबकि अब उनकी संख्या बढ़कर 12 हो चुकी है और छह नई अत्याधुनिक लैब निर्माणाधीन हैं. इसके अलावा प्रत्येक जिले में मोबाइल फॉरेंसिक वैन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.

उन्होंने बताया कि पहले पूरे प्रदेश में साइबर अपराधों के लिए केवल एक थाना था, जबकि अब सभी 75 जिलों में साइबर थाना और साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए जा चुके हैं. इससे साइबर फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव हो रही है.

डिजिटल वॉरियर्स की होगी अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने नवचयनित कंप्यूटर ऑपरेटरों को ‘डिजिटल वॉरियर्स’ बताते हुए कहा कि स्मार्ट पुलिसिंग के इस दौर में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी. तकनीकी दक्षता के माध्यम से वे पुलिस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आधुनिक बनाने में योगदान देंगे.

रोजगार और अर्थव्यवस्था में यूपी की बढ़ती ताकत

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बेहतर कानून व्यवस्था और सुरक्षा के माहौल का सीधा असर निवेश और रोजगार पर पड़ा है. नौ वर्ष पहले प्रदेश में लगभग 14 हजार बड़े उद्योग थे, जिनकी संख्या बढ़कर 32 हजार से अधिक हो गई है. वहीं, लगभग 96 लाख एमएसएमई इकाइयों ने रोजगार के नए अवसर पैदा किए हैं.

सीएम योगी ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है. प्रदेश की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा केंद्र सरकार की कई योजनाओं के क्रियान्वयन में यूपी शीर्ष राज्यों में शामिल है.

ईमानदारी और पारदर्शिता से निभाएं दायित्व

अपने संबोधन के अंत में सीेम योगी ने नवचयनित अभ्यर्थियों से ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित रही है, इसलिए अब शासन भी उनसे निष्पक्ष और जिम्मेदार सेवा की अपेक्षा करता है. उन्होंने युवाओं से कार्यों को लंबित ना रखने और जनता की सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया.

कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा, डीजी (कारागार) पीसी मीणा, डीजी भर्ती बोर्ड एसबी शिरडकर तथा एडीजी तकनीकी सेवाएं नवीन अरोड़ा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

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