TMC के बागी सांसदों ने की स्पीकर से मुलाकात,सिंबल पर दावा करने की तैयारी

TMC Rebel MP : पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर मची उथल-पुथल अब अगले पड़ाव पर पहुंच गई है.पार्टी के बागी सांसदों ने रविवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. इस घटनाक्रम के बाद पार्टी में विभाजन की अटकलें और तेज हो गई हैं.

TMC Rebel MP Meet OM Birla
TMC Rebel MP Meet OM Birla

TMC Rebel MP:स्पीकर आवास पर पहुंचे 17 सांसद

टीएमसी के बागी गुट के 17 सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की. इससे पहले सांसद सागरिक घोष और कीर्ति आजाद भी स्पीकर से मिलने पहुंचे थे. स्पीकर आवास पर दिनभर राजनीतिक गतिविधियां तेज रहीं और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई.

बागी सांसदों की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें सभी सांसद स्पीकर आवास पर मौजूद दिखाई दे रहे हैं. बताया जा रहा है कि पार्टी के दो-तिहाई से अधिक सांसद इस गुट के साथ हैं.

TMC MP Meet LS Speaker Om Birla
TMC MP Meet LS Speaker Om Birla

सुदीप बंदोपाध्याय ने सिंबल पर ठोका दावा

बागी गुट के प्रमुख नेता सुदीप बंदोपाध्याय ने साफ संकेत दिए हैं कि उनका गुट भविष्य में तृणमूल कांग्रेस के असली चुनाव चिह्न और नाम पर दावा कर सकता है.

उन्होंने कहा कि संसदीय नियमों के तहत पहले दिन ही पार्टी के नाम और सिंबल पर दावा नहीं किया जा सकता. जुलाई में संसद सत्र शुरू होने के बाद वे आधिकारिक रूप से अपना पक्ष रखेंगे. उनका कहना है कि यदि दो-तिहाई सांसद उनके साथ हैं तो पार्टी पर उनका वैध दावा बनता है.

TMC MP Meet LS Speaker Om Birla
TMC MP Meet LS Speaker Om Birla

बीजेपी नेताओं के साथ हुई अहम बैठक

इस पूरे घटनाक्रम से पहले दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर टीएमसी के बागी सांसदों की अहम बैठक हुई थी. इस बैठक में बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे भी मौजूद रहे.

बैठक के बाद सभी बागी सांसद स्पीकर आवास पहुंचे, जिससे राजनीतिक गलियारों में नए समीकरणों की चर्चा शुरू हो गई है. विपक्षी दल इस घटनाक्रम को बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत मान रहे हैं.

NDA समर्थित पार्टी में विलय की चर्चा

सूत्रों के मुताबिक, बागी गुट किसी उत्तर-पूर्वी क्षेत्रीय पार्टी में विलय करने की संभावना पर विचार कर रहा है. यह पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा बताई जा रही है.

चर्चा है कि त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी के साथ विलय का विकल्प सामने है. टीएमसी सांसद शताब्दी राय ने भी संकेत दिया है कि उनका गुट नेशनलिस्ट सिटीजन पार्टी के साथ आगे बढ़ सकता है. हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने भेजा लीगल नोटिस

इधर, पार्टी के अंदरूनी विवाद ने कानूनी मोर्चा भी खोल दिया है. बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे वैद्यनाथ घोष दस्तीदार ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत कई वरिष्ठ टीएमसी नेताओं को कानूनी नोटिस भेजा है.

नोटिस में महुआ मोइत्रा, कल्याण बनर्जी, सौगत रॉय और सोनाली गुहा सहित अन्य नेताओं के खिलाफ आरोपों का खंडन किया गया है. वैद्यनाथ ने कहा है कि उन्होंने कभी बारासात विधानसभा सीट से टिकट की मांग नहीं की थी और उनके खिलाफ लगाए गए राजनीतिक महत्वाकांक्षा संबंधी आरोप निराधार हैं.

15 दिन में मांगा सार्वजनिक स्पष्टीकरण

कानूनी नोटिस में संबंधित नेताओं से 15 दिनों के भीतर सार्वजनिक स्पष्टीकरण और माफी की मांग की गई है. इससे साफ है कि टीएमसी के भीतर का विवाद अब केवल राजनीतिक नहीं बल्कि कानूनी लड़ाई का रूप भी लेता जा रहा है.

टीएमसी के बागी गुट की गतिविधियों ने बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. यदि दो-तिहाई सांसद वास्तव में बागी गुट के साथ बने रहते हैं और सिंबल पर दावा पेश किया जाता है, तो यह तृणमूल कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा राजनीतिक संकट साबित हो सकता है. अब सभी की नजर जुलाई में होने वाले संसद सत्र और बागी गुट के अगले कदम पर टिकी है.

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