S Jaishankar’s quick wit नई दिल्ली : भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में फिनलैंड का दौरा किया, जहाँ उन्होंने प्रतिष्ठित कार्यकम में हिस्सा लिया और अपनी समकक्ष एलिना वाल्टोनेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की. इस दौरान, जयशंकर ने पश्चिमी देशों के कथित डबल स्टैंडर्ड पर खरी-खरी सुनाई, लेकिन उनकी यात्रा में एक ऐसा मजेदार पल भी आया जो तुरंत सुर्खियों में छा गया और वायरल हो गया.
S Jaishankar’s quick wit पर खिलखिला कर हंस पड़ी फिनलैंड की विदेश मंत्री
दरअसल द्विपक्षीय बातचीत के बाद, जब दोनों नेता मीडिया से बातचीत कर रहे थे, तब फिनलैंड की विदेश मंत्री वाल्टोनेन ने मजाकिया लहजे में कहा कि दोनों देशों ने कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इस पर जयशंकर ने मुस्कुराते हुए हाजिरजवाबी से जवाब दिया, आपको यह नहीं कहना चाहिए था. उनकी इस टिप्पणी पर वाल्टोनेन पहले थोड़ा चौंकीं, लेकिन फिर खिलखिलाकर हंस पड़ीं. उनका यह सहज रिएक्शन तुरंत कैमरे में कैद हो गया और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब साझा किया गया.
Great chemistry between Dr. Jaishankar and Finland’s Foreign Minister
Dr. Jaishankar: Minister Valtonen and I were just discussing defence
Valtonen (joking): Yes, we signed many deals
Dr. J: You’re not supposed to say that! pic.twitter.com/ADBs7tall6
— Shashank Mattoo (@MattooShashank) June 12, 2026
चुनौतिपूर्ण महौल में सफल सफल द्विपक्षीय दौरा
यह दौरा महत्वपूर्ण समय में हुआ जब दुनिया युद्धों, ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार और बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है. जयशंकर और वाल्टोनेन के बीच विस्तृत वार्ता में रक्षा सहयोग, प्रौद्योगिकी, व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा, डिजिटल नवाचार और वैश्विक सुरक्षा जैसे कई अहम मुद्दे शामिल रहे. दोनों नेताओं ने भारत और फिनलैंड के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया.
फिनलैंड भारत के साथ अपनी आर्थिक और तकनीकी साझेदारी बढ़ाने का इच्छुक है, वहीं भारत भी यूरोप के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ करने की दिशा में लगातार काम कर रहा है. बातचीत में वैश्विक सप्लाई चेन की मजबूती, ऊर्जा सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता जैसे विषय भी शामिल रहे. इस दौरे के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध और भारत द्वारा रूस से तेल खरीद का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा.
रुस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत को मिला फिनलैंड का साथ
पश्चिमी देशों के कुछ वर्गों द्वारा इस मुद्दे पर भारत पर लंबे समय से सवाल उठाए जाते रहे हैं. हालांकि, फिनलैंड की विदेश मंत्री एलिना वाल्टोनेन ने सार्वजनिक रूप से भारत के पक्ष का समर्थन करते हुए स्पष्ट किया कि भारत ने रूस से तेल खरीदते समय पश्चिमी देशों द्वारा निर्धारित प्राइस कैप व्यवस्था का पूरी तरह पालन किया है. उनका यह बयान वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति के लिए महत्वपूर्ण समर्थन माना जा रहा है.

