Ram Mandir Donation Theft Case : अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान से जुड़े कथित वित्तीय गड़बड़ी के मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है. वहीं स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है.
Ram Mandir Donation Theft Case : SOG की हिरासत में कर्मचारी, घर से मिले 10 लाख रुपये
जांच एजेंसियों ने रुदौली क्षेत्र के शुजागंज स्थित मीनापुर फगौली गांव निवासी लव कुश मिश्र को हिरासत में लिया है. बताया जा रहा है कि वह दानपात्रों में जमा धनराशि की गणना से जुड़े कार्यों में शामिल था.
सूत्रों के अनुसार, उसके घर से करीब 10 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि नकदी को गोबर के भीतर छिपाकर रखा गया था. बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां उसके वित्तीय लेन-देन और अन्य संभावित संबंधों की भी पड़ताल कर रही हैं.
दानपात्रों की गिनती से जुड़े कई कर्मचारी जांच के दायरे में
अधिकारियों का कहना है कि जांच केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है. दानपात्रों में जमा चढ़ावे की राशि की गणना और उसके प्रबंधन से जुड़े कई कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है.
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित गड़बड़ी किस स्तर पर हुई और इसमें कितने लोग शामिल हो सकते हैं. इसके लिए वित्तीय रिकॉर्ड, नकदी गणना प्रक्रिया और संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है.
CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों पर फोकस
मामले की तह तक पहुंचने के लिए जांचकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज को अहम आधार बनाया है. मंदिर परिसर, दानपात्रों की निगरानी व्यवस्था और चढ़ावे की गिनती से जुड़े स्थानों के वीडियो रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं.
इसके अलावा मोबाइल डेटा, दस्तावेजी रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया जा रहा है. अधिकारियों का मानना है कि इन साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी.
ट्रस्ट के अनुरोध पर बनी विशेष जांच टीम
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश शासन ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है. सरकार ने SIT को सात दिनों के भीतर प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
इसके अलावा 15 दिनों के भीतर विस्तृत अंतिम जांच रिपोर्ट भी शासन को सौंपनी होगी। इससे संकेत मिलता है कि सरकार इस मामले की जांच को तेजी से आगे बढ़ाना चाहती है.
IAS अधिकारी विजय विश्वास पंत को मिली SIT की कमान
गठित SIT की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत को सौंपी गई है. टीम में आईपीएस अधिकारी किरन एस तथा वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को सदस्य बनाया गया है.
सरकार को उम्मीद है कि वरिष्ठ अधिकारियों की यह टीम निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएगी.
अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा, निर्माण कार्यों की समीक्षा
इसी बीच राम मंदिर कंस्ट्रक्शन कमेटी के चेयरपर्सन नृपेंद्र मिश्रा शनिवार को अयोध्या पहुंचे. उन्होंने मंदिर परिसर में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया और प्रगति की समीक्षा की.
हालांकि उन्होंने दान चोरी प्रकरण पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि उनकी जिम्मेदारी केवल मंदिर निर्माण कार्यों की निगरानी तक सीमित है और वे उसी उद्देश्य से अयोध्या आए हैं.
मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कही यह बात
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट ने जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और ट्रस्ट अपने नियमों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेगा.
उन्होंने कहा कि किसी भी श्रद्धालु की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा और कथित गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
आस्था और पारदर्शिता की परीक्षा
राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है. ऐसे में दान राशि से जुड़ी किसी भी प्रकार की अनियमितता का मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है. SIT और SOG की कार्रवाई के बाद अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.

