कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एक बड़ा और ऐतिहासिक बदलाव होने जा रहा है। राज्य में सत्ता परिवर्तन होने के बाद अब केंद्र सरकार की बेहद लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य योजना 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (एबी पीएम-जेएवाई) को राज्य में लागू किया जा रहा है। सोमवार से इस योजना की शुरुआत के साथ ही पश्चिम बंगाल आयुष्मान भारत योजना को अपनाने वाला देश का 36वां राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बन जाएगा। आपको बता दें कि आयुष्मान भारत पूरी दुनिया की सबसे बड़ी और सरकारी खजाने से चलने वाली सार्वजनिक स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो गरीब और जरूरतमंद परिवारों को बीमारी के समय बहुत बड़ा सहारा देती है।
एमओयू पर हस्ताक्षर और योजना की शुरुआत
इस कल्याणकारी योजना को राज्य के कोने-कोने तक पहुंचाने और इसे आधिकारिक रूप से लागू करने के लिए देश की राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस दौरान केंद्र सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन काम करने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) और पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के बाद राज्य के लाखों परिवारों के लिए देश के बेहतरीन अस्पतालों में मुफ्त इलाज कराने का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा।
योजना के लाभ और आम जनता को राहत
इस योजना के तहत आने वाले पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज और अस्पताल में भर्ती होने के लिए हर साल प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर मिलता है। अब तक पश्चिम बंगाल के लोग इस बड़े लाभ से वंचित थे, लेकिन इस नए कदम से राज्य के नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। बीमारी के समय होने वाले भारी-भरकम खर्च से मुक्ति मिलने के साथ ही मरीजों को इस योजना से जुड़े देश भर के किसी भी सरकारी या निजी अस्पताल में कैशलेस (बिना पैसे दिए) इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

