Mamata Banerjee in Delhi : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. बंगाल विधानसभा में मिली करारी हार के बाद अब पार्टी के संसदीय दल में भी बगावत की सुगबुगाहट तेज हो गई है. इन बिगड़ते हालात के बीच टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी INDIA गठबंधन की अहम बैठक में शामिल होने के लिए रविवार को दिल्ली पहुँच गईं. उनके साथ राज्यसभा सांसद डोला सेन और लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी भी मौजूद थे.
Mamata Banerjee in Delhi: अभिषेक बनर्जी भी पहुंचे दिल्ली
पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी भी शनिवार को ही दिल्ली पहुँच चुके थे. बताया जा रहा है कि पार्टी आलाकमान सोमवार को INDIA गठबंधन की बैठक से पहले अपनी पार्टी के भीतर की स्थिति का जायजा लेगी. सूत्रों के मुताबिक, बागी टीएमसी नेताओं और सांसदों द्वारा संसद में भी वही दोहराने की कोशिश की जा रही है, जो पहले बंगाल विधानसभा में हो चुका है.
टीएमसी के 80 में से 60 विधायक हुए बागी
पिछले हफ्ते टीएमसी को तब एक बड़ा झटका लगा था, जब पार्टी के 80 विधायकों में से दो-तिहाई से अधिक, यानी 58 विधायकों ने आधिकारिक विधायक दल से अलग होकर एक नया गुट बना लिया था. निष्कासित विधायक रीताब्रत बनर्जी के नेतृत्व में इस नए गुट को प्रमुख विपक्षी दल के रूप में मान्यता भी मिल चुकी है. 1998 में पार्टी के गठन के बाद ममता बनर्जी के लिए यह सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है.
बागी टीएमसी विधायक और नए विधायी दल के उपनेता संदीप साहा के अनुसार, “बंगाल विधानसभा में जो हुआ, वैसे ही हालात अब दिल्ली में संसदीय दल के भीतर भी बन रहे हैं.” खबर है कि कई टीएमसी नेताओं ने पिछले महीने के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद अभिषेक बनर्जी और उनके नेतृत्व के तरीके पर खुले तौर पर सवाल उठाए हैं.
वर्तमान में बशीरहाट सांसद हाजी नूरुल इस्लाम के निधन के बाद लोकसभा में टीएमसी के 28 सदस्य हैं। दल-बदल विरोधी कानून के तहत, किसी भी समूह को अलग दल बनाने और अयोग्य घोषित होने से बचने के लिए संसदीय दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों (19 सांसदों) के समर्थन की आवश्यकता होगी. राज्यसभा में टीएमसी के 13 सांसद हैं.
ममता बनर्जी के दिल्ली प्रवास के दौरान अपनी पार्टी के सांसदों को एकजुट रखने के लिए कड़े प्रयास किए जाने की उम्मीद है, क्योंकि ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बागी सांसद कुछ ही दिनों में अपना कदम उठा सकते हैं.

