प्रेम संबंध का विरोध पड़ा भारी, चाची की हत्या का सनसनीखेज खुलासा

सरगुजा: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है. लखनपुर थाना क्षेत्र के बेलदगी गांव में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला की उसके ही घर में हुई बेरहमी से हत्या के मामले का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है. पुलिस ने इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाते हुए मृतका की सगी भतीजी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है. जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि दोनों के प्रेम संबंध में टोकना बुजुर्ग महिला को इस कदर भारी पड़ा कि दोनों ने मिलकर उनकी बेरहमी से जान ले ली. लखनपुर थाना प्रभारी संपत पोटाई के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 30 वर्षीय आशीष कुमार गुप्ता और 20 वर्षीय तेरेसा एक्का के रूप में हुई है, जिन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है.

सीसीटीवी फुटेज और कड़ाई से पूछताछ में खुला राज

इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब पुलिस ने घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले. फुटेज की जांच के दौरान वारदात वाली रात मृतका की भतीजी तेरेसा एक अज्ञात युवक के साथ घर से बाहर निकलकर बाइक पर जाती हुई दिखाई दी. इस पुख्ता संदेह के आधार पर जब पुलिस ने तेरेसा को हिरासत में लिया और कड़ाई से पूछताछ शुरू की, तो वह ज्यादा देर तक झूठ नहीं बोल पाई. उसने अपने प्रेमी आशीष के साथ मिलकर रची गई हत्या की इस पूरी खौफनाक साजिश और जुर्म को कबूल कर लिया.

टोकने पर आया गुस्सा, दीवार पर दे मारा सिर

आरोपियों ने पुलिस को बताया कि घटना की रात आशीष अपनी प्रेमिका तेरेसा से मिलने उसके घर आया था. इसी दौरान घर में मौजूद बुजुर्ग महिला लक्ष्मी लकड़ा ने दोनों को एक साथ देख लिया और सामाजिक मर्यादा का हवाला देते हुए उन्हें जमकर फटकार लगाई. इसी बात से आगबबूला होकर प्रेमी आशीष ने बुजुर्ग महिला का सिर पूरी ताकत से दीवार पर दे मारा. इसके बाद दोनों ने मिलकर बुजुर्ग महिला के साथ बुरी तरह मारपीट की, जिससे गंभीर चोटें आने के कारण मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई.

सामान्य मौत दिखाने की थी कोशिश, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोल

यह पूरी वारदात 1 जून की है, जब बेलदगी गांव में रहने वाली 65 वर्षीय लक्ष्मी लकड़ा का शव उनके ही घर के भीतर खून से लथपथ हालत में मिला था. घटना के वक्त मृतका के पति बैजनाथ लकड़ा किसी जरूरी काम से गांव से बाहर गए हुए थे, और घर की देखभाल व अपनी पत्नी का हाथ बंटाने के लिए उन्होंने अपनी भतीजी तेरेसा को अपने पास रुकने के लिए बुलाया था. वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी रात भर घर से बाहर रहे और अगली सुबह शातिर भतीजी ने खुद ही परिजनों और ग्रामीणों को लक्ष्मी लकड़ा की मौत की झूठी और भ्रामक सूचना दी. शुरुआत में इसे एक सामान्य मौत का रूप देने की पूरी कोशिश की गई, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के गले, चेहरे और सिर पर अंदरूनी व गंभीर चोटों के निशान मिलने के बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया. हत्या का मुकदमा दर्ज कर जब जांच आगे बढ़ाई गई, तो इस क्रूर साज़िश का पूरी तरह पर्दाफाश हो गया.

 

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