आतंकियों ने छीन ली भूपेंद्र की जिंदगी, पीछे छूट गए पत्नी, मासूम बेटा, मां और बहन

सारंगढ़| गरीबी से जंग लड़ने और अपने परिवार के दो जून की रोटी का बंदोबस्त करने के लिए छत्तीसगढ़ से हजारों किलोमीटर दूर जम्मू-कश्मीर गए एक गरीब मजदूर की आतंकियों की कायराना गोलीबारी में दर्दनाक मौत हो गई। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के छुईहा गांव के रहने वाले भूपेंद्र भैना को शायद यह बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जिस धरती पर वह अपने परिवार का भविष्य संवारने पसीना बहाने जा रहा है, वही जगह उसकी जिंदगी छीन लेगी। इस वीभत्स घटना के बाद से मृतक के घर और पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

केलम इलाके के ईंट भट्ठे पर हुआ था कायराना आतंकी हमला

प्राप्त विवरण के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के केलम क्षेत्र में बीते शुक्रवार देर शाम एक ईंट भट्ठे पर आतंकियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसमें छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ अंतर्गत आने वाले छुईहा गांव निवासी 28 वर्षीय भूपेंद्र भैना की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई। मौत की यह मनहूस खबर जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुँची, वहाँ कोहराम मच गया और हर एक की आँखें नम हो गईं।

महज तीन महीने पहले पत्नी के साथ गए थे कश्मीर

मृतक भूपेंद्र भैना करीब तीन महीने पहले ही अपनी पत्नी के साथ मजदूरी की तलाश में अपने गांव से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर गए थे। सारंगढ़-बिलाईगढ़ के पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दम्पति ने अपने चार साल के मासूम बेटे को घर पर भूपेंद्र की बुजुर्ग दादी और नाबालिग बहन की देखभाल के भरोसे छोड़ा था, जबकि उनके माता-पिता और भाई आजीविका चलाने के लिए हिमाचल प्रदेश में मजदूरी करने गए हुए थे।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना की रात स्थानीय अधिकारियों को जैसे ही इस अनहोनी की सूचना मिली, वे सुबह करीब 2 बजे भूपेंद्र के घर परिजनों को सूचित करने पहुँचे। चूंकि स्थिति बेहद संवेदनशील और नाजुक थी, इसलिए पुलिस ने घर पर मौजूद उनकी बूढ़ी दादी और छोटी बहन को रात में सीधे तौर पर सदमा न देते हुए सबसे पहले हिमाचल प्रदेश में रह रहे उनके पिता से दूरभाष पर संपर्क साधा।

शव को वापस लाने के लिए प्रशासन कर रहा है समन्वय

जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मृतक मजदूर के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द उनके पैतृक गांव सुरक्षित वापस लाने के लिए स्थानीय पुलिस और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के साथ लगातार संपर्क और समन्वय बनाए हुए हैं। शनिवार की सुबह जब भाई की इस भीषण मौत की सच्चाई से अनजान भूपेंद्र की बहन ने मीडियाकर्मियों से बात की, तो उसने बताया कि उसका भाई कश्मीर सिर्फ इसलिए मजदूरी करने गया था क्योंकि उनके परिवार को घर की बुनियादी जरूरतें पूरी करने में भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा था।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने जताया गहरा शोक

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे एक अत्यंत 'कायरतापूर्ण आतंकी हमला' करार दिया है। उन्होंने कहा कि इस तरह निर्दोष मजदूरों की हत्या बेहद दर्दनाक और निंदनीय है। मुख्यमंत्री ने संबंधित सभी प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित आवश्यक निर्देश जारी करते हुए यह भरोसा दिलाया है कि छत्तीसगढ़ सरकार इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ी है और उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

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