रायपुर : छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी योजनाओं, कृषि विभाग के सतत मार्गदर्शन तथा सहकारी समितियों के माध्यम से खाद-बीज की सुचारू उपलब्धता सेे किसानों की खेती को नई दिशा दी है। शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर किसान अब पारंपरिक खेती के साथ-साथ आधुनिक एवं लाभकारी फसलों की ओर भी अग्रसर हो रहे हैं। इसी कड़ी में मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले के मानपुर विकासखंड के ग्राम मिचगांव के प्रगतिशील किसान टोमन साहू क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनकर उभरे हैं।
समय पर खाद-बीज मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति हुई मजबूत
सहकारी समिति में खरीफ सीजन के लिए खाद एवं बीज लेने पहुंचे किसान टोमन साहू ने शासन द्वारा किसानों के हित में संचालित योजनाओं की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समय पर खाद-बीज की उपलब्धता और विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है तथा खेती को लाभ का व्यवसाय बनाने में सहायता मिल रही है।
राष्ट्रीय कृषि विकास एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना से मिली अतिरिक्त आय
टोमन साहू के पास लगभग 8 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे मुख्य रूप से धान की खेती करते हैं। धान की फसल कटाई के बाद वे अपने खेतों में अन्य लाभकारी फसलें भी लेते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष उन्होंने शासन की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना एवं राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना का लाभ प्राप्त किया। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत उन्होंने ग्राफ्टेड बैंगन की खेती की, वहीं राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना के तहत धनिया की फसल लगाई। इन दोनों फसलों से उन्हें अब तक लगभग 40 हजार रुपए का अतिरिक्त लाभ प्राप्त हो चुका है।
आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर बने सफल एवं जागरूक किसान
धान विक्रय के बाद समय पर प्राप्त भुगतान तथा कृषक उन्नति योजना से मिली राशि का सही उपयोग करते हुए उन्होंने अपनी खेती को और सुदृढ़ बनाया है। उन्नत किस्म के बीजों, आधुनिक कृषि तकनीकों और निरंतर मेहनत के बल पर वे प्रतिवर्ष बेहतर उत्पादन प्राप्त कर रहे हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों के मार्गदर्शन और समय पर उपलब्ध संसाधनों ने उनकी खेती को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। किसान साहू बताते हैं कि उनके परिवार की कई पीढ़ियां खेती से जुड़ी रही हैं। पूर्वजों से मिली कृषि परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाया और आज वे अपने क्षेत्र के सफल एवं जागरूक किसानों में गिने जाते हैं। वे कहते हैं कि सरकार की किसान कल्याणकारी नीतियों, योजनाओं और समय पर मिलने वाली सुविधाओं ने उन्हें एक नई पहचान दिलाई है।

