Israel Lebanon War तेल अवीव: मध्य पूर्व (Middle East) से इस वक्त की एक बहुत बड़ी सैन्य खबर सामने आ रही है. इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में एक बड़ी सैन्य कामयाबी हासिल करते हुए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण पहाड़ी पर कब्जा कर लिया है. इस पहाड़ी के शिखर पर सदियों पुराना ऐतिहासिक ‘ब्यूफोर्ट किला’ (Beaufort Castle) मौजूद है। इजरायली सेना ने इस ऐतिहासिक किले पर करीब 44 साल बाद एक बार फिर अपना राष्ट्रीय झंडा फहरा दिया है.
🚨🇮🇱🇱🇧 Horrible bodycam footage of the IDF capturing the 900-year-old Beaufort Castle in southern Lebanon yesterday.
They casually labelled the historic landmark as a tactical vantage point and said they would retain it as part of Israel’s “security zone.”
The castle was… https://t.co/WUf6ZiVWb7 pic.twitter.com/4cPLUzFCzT
— Mario Nawfal (@MarioNawfal) June 1, 2026
इजरायली सेना द्वारा पिछले 26 वर्षों के दौरान लेबनान की सीमा के भीतर जाकर की गई यह अब तक की सबसे बड़ी और सबसे अंदरूनी सैन्य कार्रवाई मानी जा रही है. इजरायली सेना ने रविवार को इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि की है.
Israel Lebanon War:नबातियेह में हिजबुल्लाह के साथ हुई भीषण जंग
सैन्य सूत्रों के मुताबिक, नबातियेह शहर के पास स्थित इस बेहद मजबूत किले पर कब्जा करना इजरायल के लिए आसान नहीं था. इसके लिए इजरायली सैनिकों को किले के आसपास के गांवों में कई दिनों तक भीषण जमीनी लड़ाई (Ground Offensive) लड़नी पड़ी और जोरदार हवाई हमलों (Air Strikes) का सहारा लेना पड़ा. इजरायली कमांडोज ने इस दुर्गम और पथरीले इलाके में हिजबुल्लाह के लड़ाकों के साथ आमने-सामने की जंग लड़ी. मार्च की शुरुआत में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच दोबारा भड़के इस ताजा युद्ध के बाद से इस किले पर नियंत्रण हासिल करना इजरायल के लिए एक बहुत बड़ी रणनीतिक और मनोवैज्ञानिक जीत माना जा रहा है.
शांति वार्ता के बीच इस बड़ी कार्रवाई से दुनिया हैरान
यह चौंकाने वाला घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब साल 1948 में इजरायल की स्थापना के बाद से ही हमेशा युद्ध की स्थिति में रहने वाले दोनों पड़ोसी देश वाशिंगटन में सीधी शांति वार्ता कर रहे हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि दोनों देशों के बीच 17 अप्रैल से एक नाममात्र का संघर्षविराम (सीजफायर) लागू है, इसके बावजूद इजरायल ने इतनी बड़ी सैन्य कार्रवाई को अंजाम दे दिया। यह कार्रवाई इसलिए भी वैश्विक सुर्खियां बटोर रही है क्योंकि अगले दौर की बेहद महत्वपूर्ण शांति वार्ता दो और तीन जून को अमेरिकी विदेश मंत्रालय में आयोजित होने वाली है।
रक्षा मंत्री ने शेयर की झंडा फहराने की तस्वीर
इस बड़ी सैन्य सफलता के बाद इजरायली सेना के अरबी भाषा के प्रवक्ता अवीचाय अद्राई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर एक तस्वीर साझा की. इस तस्वीर में इजरायली सैनिक इस ऐतिहासिक किले के मुख्य परिसर के बाहर मुस्तैदी से गश्त करते हुए दिखाई दे रहे हैं.
इसके साथ ही इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने भी सोशल मीडिया पर इसकी आधिकारिक घोषणा की. उन्होंने लिखा कि देश के वीर सैनिकों ने ब्यूफोर्ट किले की चोटी पर पूरी शान से इजरायल का राष्ट्रीय ध्वज फहरा दिया है.
44 साल पुराना इतिहास फिर दोहराया
अगर इस किले के इतिहास पर नजर डालें, तो इसका इजरायल के लिए बड़ा रणनीतिक महत्व रहा है:
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साल 1982: लेबनान युद्ध के दौरान इजरायली सैनिकों ने पहली बार इस किले पर नियंत्रण स्थापित किया था.
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साल 2000: जब इजरायली सेना ने लेबनान से पूरी तरह पीछे हटने का फैसला किया, तब तक यानी लगभग 18 सालों तक यह किला इजरायल के ही कब्जे में रहा था.
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अब करीब 44 साल बाद: इतिहास ने खुद को दोहराया है और यह रणनीतिक पहाड़ी एक बार फिर पूरी तरह से इजरायल के नियंत्रण में आ गई है, जिससे हिजबुल्लाह को बड़ा झटका लगा है.

