Abhishek Banerjee : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद ममता बैनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें लगातार बढ़ती नजर आ रही है. शनिवार को सांसद अभिषेक बनर्जी के कोलकाता स्थित आवास पर CID की पांच सदस्यीय टीम पहुंची, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल मच गई.
हालांकि, जब CID अधिकारी उनके घर पहुंचे तो अभिषेक बनर्जी वहां मौजूद नहीं थे. उनके स्टाफ ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें सांसद की मौजूदा लोकेशन की जानकारी नहीं है.
AND NO. THEY WEREN’T COLLECTING “CCTV CAM EQUIPMENT”…
CID officials “visited” the residence of Mamata Banerjee’s nephew and TMC MP Abhishek Banerjee at Harish Mukherjee Road and stayed for over 30 minutes before leaving.
After the CID “visit” Banerjee says: “Am not going to… pic.twitter.com/UcppUjfFX8— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) May 30, 2026
Abhishek Banerjee : पत्र विवाद की जांच से जुड़ा मामला?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, CID की टीम विधानसभा में तृणमूल संसदीय दल की ओर से जमा किए गए एक पत्र से जुड़े विवाद की जांच के सिलसिले में अभिषेक बनर्जी से संपर्क करने पहुंची थी.
बताया जा रहा है कि संबंधित पत्र पर विधायकों के हस्ताक्षरों को लेकर विवाद सामने आया था. जांच एजेंसियों को कुछ हस्ताक्षरों में असमानताएं मिली थीं, जिसके बाद मामले की जांच शुरू की गई.
घर पर नोटिस सर्व करने की संभावना
सूत्रों के मुताबिक, CID अधिकारी अभिषेक बनर्जी के आवास पर नोटिस भी सर्व कर सकते हैं. हालांकि, जांच एजेंसी की ओर से अभी तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. इससे पहले CID इसी मामले में TMC नेताओं से पूछताछ कर चुकी है.
पहले कुणाल घोष और नैना बनर्जी से हुई थी पूछताछ
विधानसभा पत्र विवाद की जांच के तहत CID अधिकारियों ने इससे पहले चौरंगी की विधायक नैना बनर्जी और बेलेघाटा विधायक कुणाल घोष से भी पूछताछ की थी.
इस मामले में कोलकाता पुलिस भी CID की जांच में सहयोग कर रही है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पत्र में दर्ज हस्ताक्षर वास्तविक हैं या नहीं.
बंगाल चुनाव में हार के बाद TMC में बढ़ी अंदरूनी कलह
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC को करारी हार का सामना करना पड़ा. करीब 15 वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद पार्टी को विपक्ष में बैठना पड़ा.
वहीं भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 208 सीटों पर जीत दर्ज की और पहली बार राज्य में सरकार बनाई। भाजपा नेता Suvendu Adhikari मुख्यमंत्री बने.
चुनावी हार के बाद TMC में असंतोष खुलकर सामने आने लगा है. कई नेताओं और विधायकों की नाराजगी की खबरें सामने आ रही हैं.
भाजपा का बड़ा दावा, कई नेता छोड़ सकते हैं TMC
भाजपा ने दावा किया है कि TMC के करीब 50 विधायक और 20 सांसद पार्टी छोड़ सकते हैं. हालांकि, इस दावे की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनावी हार के बाद TMC के भीतर नेतृत्व और संगठन को लेकर दबाव बढ़ रहा है.
अभिषेक बनर्जी पर एक और शिकायत दर्ज
इस बीच, अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें एक अन्य मामले में भी बढ़ती दिख रही हैं. उनके खिलाफ भवानीपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है.
शिकायतकर्ता अर्णब कांति दास ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की गई एक पोस्ट में गुजराती समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं.
सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप
शिकायत में कहा गया है कि पोस्ट की भाषा से सामाजिक तनाव और सांप्रदायिक नफरत फैलने की आशंका पैदा हो सकती है. पुलिस ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
फिलहाल, विधानसभा पत्र विवाद और सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़े मामलों ने अभिषेक बनर्जी की राजनीतिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है. आने वाले दिनों में CID जांच और पुलिस कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी.

