“सिवनी में पुलिस का बड़ा एक्शन: बकरीद पर गोवंश की तस्करी की कोशिश फेल, 17 मवेशियों को छुड़ाया; 5 आरोपी दबोचे”

सिवनी | मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आगामी बकरीद त्योहार पर गोवंश की कुर्बानी की एक बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया है। पुलिस ने इस विशेष कार्रवाई के दौरान रस्सियों से बेरहमी से बांधकर रखे गए 17 मवेशियों को तस्करों के चंगुल से छुड़ाया। जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) कृष्ण लालचंदानी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि खुफिया तंत्र से मिली सटीक सूचना के आधार पर छापेमारी कर पांच संदिग्धों को दबोचा गया है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने कई मोबाइल फोन और अवैध धारदार हथियार भी जब्त किए हैं।

ऑनलाइन फंडिंग के जरिए रची जा रही थी साजिश

पुलिस प्रशासन को 28 मई को गोपनीय जानकारी मिली थी कि हड्डी गोदाम इलाके का रहने वाला मौलाना मजीद खान गोवंश की कुर्बानी देने के नाम पर समुदाय विशेष के लोगों से अवैध रूप से धन जुटा रहा है। इस इनपुट पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मजीद खान को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बकरीद के मौके पर गोवंश की कुर्बानी देने की गुप्त योजना बना रहा था। इसके बाद पुलिस की अलग-अलग टीमों ने आरोपी की निशानदेही पर ग्राम जटलापुर और जामुनपानी के जंगली इलाकों में दबिश दी, जहां से क्रमशः 7 और 10 गोवंश बरामद किए गए। आरोपी मजीद के बैंक खातों और मोबाइल डेटा की जांच में ऑनलाइन माध्यम से मोटी रकम ट्रांसफर होने के प्रमाण भी मिले हैं।

भूख-प्यास से तड़प रहे थे बेजुबान, सुरक्षित गौशाला भेजा

सर्च ऑपरेशन में शामिल पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बरामद किए गए सभी गोवंशों को बेहद अमानवीय और क्रूर परिस्थितियों में छिपाकर रखा गया था। तस्करों ने उनके चारे और पानी की कोई व्यवस्था नहीं की थी, जिसके कारण भोजन-पानी के अभाव में ये बेजुबान मवेशी शारीरिक रूप से अत्यंत दुर्बल हो चुके थे। पुलिस ने सभी 17 गोवंशों को बंधनमुक्त कराया और प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल प्रभाव से नजदीकी सुरक्षित गौशाला भिजवा दिया, जहां अब उनकी उचित देखरेख की जा रही है।

पांच आरोपी गिरफ्तार, सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज

इस गैर-कानूनी गतिविधि में संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने मुख्य सूत्रधार मजीद खान सहित शेख आबिद, साकिर अली, रफीक और मुक्तदीर अहमद को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। इन सभी आरोपियों के विरुद्ध मध्य प्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत और गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस ने घटना स्थल और आरोपियों के पास से साक्ष्य के तौर पर 5 एंड्रॉइड स्मार्टफोन और एक बड़ा धारदार 'बका' (हथियार) बरामद किया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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