कोलकाता में तूफान का कहर: भारी बारिश से थम गई रफ्तार, दर्दनाक हादसों में 7 लोगों की मौत

कोलकाता | महानगर में अचानक बदले मौसम के मिजाज ने हर किसी को अचंभित कर दिया, जब दोपहर के समय ही आसमान में घने बादलों का डेरा जमा हो गया और देखते ही देखते तेज अंधड़ के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बीते कई दिनों से जारी उमस भरी गर्मी और रिकॉर्ड तोड़ पारे से बेहाल लोगों को इस वर्षा से बड़ी राहत तो मिली, लेकिन यह चक्रवाती तूफान अपने साथ भारी तबाही भी लेकर आया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस दौरान हवाओं की रफ्तार लगभग 88 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई, जिसने समूचे महानगर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।

आंधी और बारिश से थमी महानगर की रफ्तार, जनजीवन अस्त-व्यस्त

तेज हवाओं के वेग के कारण शहर के विभिन्न हिस्सों में विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़कर मुख्य मार्गों पर आ गिरे, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। अनेक बस्तियों में बिजली के पोल और हाई-वोल्टेज तार टूट गए, जिसके चलते कई घंटों तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। रिकॉर्ड तोड़ बारिश के कारण कोलकाता की प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई। राहगीरों और दुकानदारों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी, तथा अचानक आई इस मौसमी आपदा से सार्वजनिक स्थलों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

परिवहन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित, यात्रियों को झेलनी पड़ी परेशानी

प्रकृति के इस रौद्र रूप का सीधा असर परिवहन के प्रमुख साधनों पर भी देखने को मिला। रेलवे और मेट्रो सेवाएं इस तूफान के कारण बुरी तरह लड़खड़ा गईं। कई लोकल ट्रेनों के पहिये जहां-तहां थम गए, तो वहीं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ ट्रेनों को बेहद धीमी गति से चलाया गया। मेट्रो रेल सेवा में भी तकनीकी दिक्कतों के कारण देरी हुई, जिससे दफ्तरों से घर लौट रहे कामकाजी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। सड़कों पर हुए जलभराव और मलबे के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई और वाहनों की मील लंबी कतारें लग गईं।

सरकार ने की मदद की घोषणा, आपदा प्रबंधन टीमें मुस्तैद

इस संकट के बीच प्रशासन और आपदा राहत टीमें तुरंत एक्शन मोड में आ गईं। नगर निगम के कर्मी क्रेन की मदद से सड़कों से पेड़ हटाने और जलभराव वाले क्षेत्रों से पानी निकालने के काम में जुटे रहे। इसी दौरान राज्य सरकार की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने आंधी में दीवार गिरने से जान गंवाने वाले एक ऑटो चालक के पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार जनता के साथ मजबूती से खड़ी है। मंत्री ने आगामी दिनों में मृतक की बेटी की पढ़ाई-लिखाई का पूरा खर्च उठाने और उसे रोजगार मुहैया कराने का भरोसा दिया। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह मौसमी बदलाव हुआ है, और लोगों को अभी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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