जालंधर | जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतर-जिला मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गिरोह के तीन शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने .32 बोर की 5 अत्याधुनिक पिस्टल, 9 मैगजीन और 22 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इस कामयाबी को इलाके में सक्रिय आपराधिक नेटवर्कों को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
बस स्टैंड के पास जाल बिछाकर हुई पहली कामयाबी
पुलिस को खुफिया सूत्रों से इनपुट मिला था कि हथियारों की एक खेप शहर में सप्लाई होने वाली है। इस सूचना पर मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस की विशेष टीम ने जालंधर बस स्टैंड के पास घेराबंदी की। यहाँ घेरे में लेकर सबसे पहले मुख्य आरोपी को दबोचा गया, जिसके पास से अवैध हथियार बरामद हुए। शुरुआती पूछताछ में ही आरोपी ने अपने नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में उगलना शुरू कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने आगे की दबिश के लिए रणनीति तैयार की।
गुरदासपुर के गांव में छिपाकर रखा था हथियारों का जखीरा
बस स्टैंड से पकड़े गए तस्कर से मिली गुप्त और सटीक जानकारी के आधार पर जालंधर पुलिस की टीमों ने तुरंत गुरदासपुर जिले में छापेमारी की। वहां गांव भैणी पसवाल के पास तस्करों द्वारा गुप्त स्थान पर छिपाकर रखे गए 4 और पिस्टल, 8 मैगजीन तथा 18 जिंदा कारतूस बरामद कर लिए गए। पुलिस की मुस्तैदी से हथियारों की यह बड़ी खेप पंजाब के विभिन्न हिस्सों में सप्लाई होने से पहले ही जब्त कर ली गई।
तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस और आगे की तफ्तीश
प्रारंभिक जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह मॉड्यूल पूरे पंजाब के भीतर अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और गैंगस्टरों को हथियार सप्लाई करने के धंधे में लंबे समय से सक्रिय था। पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई के बाद साफ शब्दों में कहा है कि राज्य में अवैध हथियारों की तस्करी और अपराध के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (कतई बर्दाश्त न करने) की नीति अपनाई जा रही है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इन हथियारों का मुख्य स्रोत क्या था और इन्हें पंजाब में किन-किन अपराधियों तक पहुंचाया जाना था।

