FIR On Mamta Banarjee कोलकाता/सिलीगुड़ी : पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. अब इसी कड़ी में राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया है. ममता बनर्जी पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और आपराधिक धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं.
यह पूरा मामला इस साल की शुरुआत में उत्तरी बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके द्वारा दिए गए बयानों से जुड़ा हुआ है.
FIR On Mamta Banarjee: स्थानीय महिला वकील ने दर्ज कराई शिकायत
सिलीगुड़ी की साइबर अपराध इकाई ने स्थानीय अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह की शिकायत पर बीती 15 मई को यह एफआईआर (FIR) दर्ज की है. शिकायतकर्ता रिंकी सिंह ने आरोप लगाया कि जब ममता बनर्जी मुख्यमंत्री थीं, तब उन्होंने हिजाब पहनकर रेड रोड पर ईद की नमाज अदा की थी और बाद में हिंदू धर्म को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
‘सनातन धर्म’ को बताया गंदा धर्म और दी धमकी: आरोप
न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में अधिवक्ता रिंकी चटर्जी सिंह ने कहा, “2026 के विधानसभा चुनावों से पहले, धर्मतला में हिंदू मतदाताओं को धमकाने वाले बयान दिए गए. एक हिंदू और एक कार्यकर्ता के रूप में मैंने व्यक्तिगत रूप से खुद को खतरे में महसूस किया.”
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि टीएमसी सुप्रीमो ने सनातन धर्म को “गंदा धर्म” कहकर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं का अपमान किया. इसके अलावा चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने कथित तौर पर कहा था कि अगर कोई विशेष समुदाय हिंदुओं पर हमला करता है, तो “उनके 12 तो बेजे जाबे” (यानी हिंदुओं को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे). शिकायत के अनुसार, इस बयान का मकसद मतदाताओं को डराना और सांप्रदायिक असामंजस्य को बढ़ावा देना था.
केस दर्ज कराने के लिए करना पड़ा संघर्ष
शिकायतकर्ता वकील का कहना है कि उन्हें इस मामले में एफआईआर दर्ज कराने के लिए काफी मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा. शुरुआत में पुलिस ने कार्रवाई करने से इनकार कर दिया था और साइबर शाखा में उनकी शिकायत कई दिनों तक दर्ज नहीं की गई. हालांकि, बाद में पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार की और उचित धाराएं लागू कीं. रिंकी सिंह ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की भी एक तय सीमा होती है.
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन धाराओं में दर्ज हुआ केस
ममता बनर्जी के खिलाफ सिलीगुड़ी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है:
-
धारा 351 (1): यह धारा आपराधिक धमकी देने के अपराध से संबंधित है.
-
धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर किए गए अपमान के लिए यह धारा लगाई जाती है.
-
धारा 353 (2): विभिन्न धार्मिक, नस्लीय या भाषाई समूहों के बीच घृणा, शत्रुता या दुर्भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अफवाहों या झूठी खबरों के प्रसार को रोकने और दंडित करने के लिए यह प्रावधान है.
“लाखों सनातनी हिंदुओं की आस्था को पहुंची ठेस”
वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने अपनी लिखित शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि पिछले कई वर्षों से सत्ताधारी दल के उच्च पदों पर बैठे कई नेताओं ने हिंदू और सनातन धर्म के खिलाफ लगातार अपमानजनक टिप्पणियां की हैं. उन्होंने आगे लिखा कि पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए ऐसे बयानों से भारत ही नहीं, बल्कि विश्व भर में सनातन धर्म के करोड़ों अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं और आस्था को गहरी ठेस पहुंची है. इस मामले के बाद राज्य में एक बार फिर राजनीतिक पारा गरमा गया है.

