CM Yogi on Flower Pot Theft लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सख्त और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सरकारी संपत्ति की चोरी और उसे नुकसान पहुंचाने वालों पर एक ऐसी टिप्पणी की, जिसे सुनकर वहां मौजूद लोग हंस पड़े, लेकिन इसके पीछे सीएम का संदेश बेहद गंभीर था. मुख्यमंत्री ने वीआईपी संस्कृति पर तंज कसते हुए गमला चोरी की एक दिलचस्प घटना का जिक्र किया और इसे ‘चोरी का नया मॉडल’ करार दिया.
“हम गमले लगाते हैं और लोग कार से आकर उन्हें ले जाते हैं। ढाई करोड़ की कार से 45 रुपये का गमला चोरी करने का नया मॉडल दिखा है।
मन में आया था कि आरोपियों की तस्वीर चौराहे पर लगाई जाए। सीएम ने कहा, “ये पैसा हमारा नहीं, जनता जनार्दन का पैसा है।@myogiadityanath @UPGovt pic.twitter.com/JdZKuBJulO— Journalist Raghvendra Mishra (@Raghven64199309) May 26, 2026
CM Yogi on Flower Pot Theft : ढाई करोड़ की कार से आए और चुरा ले गए 45 का गमला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि शहर को सुंदर बनाने के लिए प्रशासन की ओर से सड़कों के किनारे खूबसूरत गमले लगाए जाते हैं. लेकिन कुछ लोग इन्हें भी नहीं छोड़ते. उन्होंने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज का हवाला देते हुए कहा, “एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें लोग ढाई करोड़ रुपये की कार से आए और सड़क किनारे रखा 45 रुपये का गमला उठाकर ले गए.”
सीएम ने हल्के अंदाज में चुटकी लेते हुए कहा कि जितनी कीमत का तेल उस कार में आने-जाने में खर्च हुआ होगा, उतने में कई नए गमले खरीदे जा सकते थे. उन्होंने कहा कि अब हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं और लगातार निगरानी की जा रही है, जिससे ऐसे लोग पकड़े जा रहे हैं.
“मन में आया कि चौराहे पर लगवा दूँ तस्वीर” मुख्यमंत्री ने कहा, “अगर वही लोग नया गमला खरीदकर अपने घर में लगाते तो उनका सम्मान भी बना रहता और शहर भी सुंदर दिखता. एक बार तो मेरे मन में आया कि ऐसे गमला चोरी करने वालों की तस्वीर चौराहे पर लगवा दी जाए.” उन्होंने साफ किया कि सार्वजनिक संपत्ति किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि जनता के टैक्स के पैसे की होती है, इसलिए इसकी सुरक्षा हर नागरिक की जिम्मेदारी है.
यूपी में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा
इस कार्यक्रम से इतर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक भी की. बैठक में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों में इलाज, जांच, दवाओं और इमरजेंसी सेवाओं की गुणवत्ता को लगातार बेहतर किया जाए, ताकि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को इसका सीधा लाभ मिल सके.
सीएम ने मेडिकल कॉलेजों, नर्सिंग संस्थानों और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को आधुनिक तकनीक तथा बेहतर प्रबंधन के साथ और मजबूत करने पर जोर दिया.
उत्तर प्रदेश में बढ़ा मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और MBBS सीटें
बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के आंकड़े प्रस्तुत किए. उत्तर प्रदेश में इस समय चिकित्सा सुविधाओं का जाल तेजी से फैला है:
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अस्पतालों की संख्या: प्रदेश में वर्तमान में 108 जिला अस्पताल, 106 विशिष्ट चिकित्सालय, 976 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और 3,757 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं.
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ओपीडी और जांच का रिकॉर्ड: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26 करोड़ से अधिक ओपीडी सेवाएं दी गईं और 24 करोड़ से ज्यादा पैथोलॉजी जांचें मुफ्त या किफायती दरों पर की गईं.
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मेडिकल कॉलेजों में भारी बढ़ोतरी: यूपी में मेडिकल कॉलेजों की संख्या अब बढ़कर 83 पहुंच चुकी है. इसके साथ ही एमबीबीएस (MBBS) की सीटें 5,390 से बढ़कर अब 12,800 हो गई हैं. वहीं पीजी (Post Graduate) सीटों में भी बड़ा इजाफा दर्ज किया गया है.
‘मिशन निरामया’ से सुधरेगी नर्सिंग शिक्षा की सेहत
उत्तर प्रदेश सरकार अब डॉक्टरों के साथ-साथ नर्सिंग स्टाफ की पढ़ाई और ट्रेनिंग पर भी विशेष ध्यान दे रही है. बैठक में बताया गया कि राज्य में इस समय 652 नर्सिंग संस्थान संचालित हैं और राज्य के पास लगभग 3.95 लाख पंजीकृत नर्सिंग स्टाफ का मजबूत बल उपलब्ध है.
नर्सिंग शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन निरामया 1.0’ के तहत अब तक कई बड़े कदम उठाए गए हैं:
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इसके तहत करीब 17 हजार स्कूलों में काउंसलिंग सेशन आयोजित कर 3.5 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं तक पहुंच बनाई गई है.
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नर्सिंग क्षेत्र को और बेहतर बनाने के लिए 10,570 नर्सिंग फैकल्टी मेंबर्स (शिक्षकों) को विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है ताकि यूपी के युवाओं को वैश्विक स्तर की नर्सिंग शिक्षा मिल सके.

