Raghav Chadha PM Modi Meeting नई दिल्ली : पंजाब की राजनीति में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी से बीजेपी में आये और राज्यसभा के सांसद बने राघव चड्ढा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज मुलाकात की . मुलाकात के बाद चड्ढा ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के साथ तस्वीरें साझा करते हुए इसे ‘यादगार सुबह’ बताया. इस मुलाकात ने पंजाब की सियासत में उनके संभावित रोल को लेकर अटकलों को और हवा दे दी है.
A morning I will cherish.
Had the privilege of meeting Hon’ble Prime Minister Shri @narendramodi Ji. A detailed and enriching interaction. Deeply grateful for his generous time and for the opportunity to benefit from his insights and guidance. 🇮🇳 pic.twitter.com/4A5cEwVCNg
— Raghav Chadha (@raghav_chadha) August 8, 2026
राघव चड्ढा और पीएम मोदी की यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब बीजेपी पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर चुकी है. खास बात यह है कि अप्रैल 2026 में चड्ढा समेत आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बीजेपी में विलय का ऐलान किया था.
Raghav Chadha PM Modi Meeting:पीएम मोदी से मुलाकात के बाद क्या बोले राघव चड्ढा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद राघव चड्ढा ने एक्स पर तस्वीरें पोस्ट कीं. उन्होंने इस मुलाकात को यादगार बताते हुए प्रधानमंत्री के समय और मार्गदर्शन के लिए आभार जताया.
चड्ढा ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का अवसर मिला और उनके साथ विस्तृत एवं ज्ञानवर्धक चर्चा हुई. उन्होंने प्रधानमंत्री के बहुमूल्य समय और उनकी समझ व मार्गदर्शन से लाभ उठाने के अवसर के लिए आभार व्यक्त किया.
हालांकि, राघव चड्ढा ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पीएम मोदी के साथ उनकी बातचीत में किन मुद्दों पर चर्चा हुई.
पंजाब चुनाव से पहले मुलाकात क्यों अहम?
राघव चड्ढा की पीएम मोदी से मुलाकात को पंजाब की आगामी राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है. पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और बीजेपी राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है.
राघव चड्ढा लंबे समय तक आम आदमी पार्टी के पंजाब में प्रमुख रणनीतिक चेहरों में रहे हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP के प्रचार अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. अब बीजेपी में आने के बाद पंजाब की राजनीति में उनके अनुभव का इस्तेमाल पार्टी किस तरह करती है, इस पर नजरें टिकी हैं.
हालिया राजनीतिक विश्लेषणों में भी राघव चड्ढा और पूर्व AAP नेता संदीप पाठक को बीजेपी की पंजाब रणनीति के लिए महत्वपूर्ण चेहरों के तौर पर देखा गया है.
क्या राघव चड्ढा को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी?
पीएम मोदी के साथ मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या बीजेपी पंजाब चुनाव से पहले राघव चड्ढा को कोई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है.हालांकि अभी तक बीजेपी की ओर से राघव चड्ढा को पंजाब चुनाव को लेकर कोई नई जिम्मेदारी दिए जाने की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.
ये कयास लिए भी लगाये जा रहे हैं क्योंकि चड्ढा का पंजाब से सीधा राजनीतिक जुड़ाव है और AAP के संगठन एवं चुनावी रणनीति का उनका अनुभव बीजेपी के लिए उपयोगी हो सकता है. ऐसे में चुनावी तैयारी आगे बढ़ने के साथ पार्टी उन्हें कोई महत्वपूर्ण भूमिका देती है या नहीं, यह देखने वाली बात होगी.
AAP से BJP तक कैसे पहुंचे राघव चड्ढा?
राघव चड्ढा ने अप्रैल 2026 में AAP को बड़ा झटका देते हुए पार्टी के छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल होने का ऐलान किया था. उन्होंने कहा था कि AAP के राज्यसभा में दो-तिहाई से अधिक सांसदों ने संवैधानिक प्रावधानों के तहत बीजेपी में विलय का फैसला किया है.
इस घटनाक्रम के बाद AAP की राज्यसभा में ताकत काफी कम हो गई, जबकि बीजेपी को पंजाब से जुड़े कई अनुभवी चेहरों का समर्थन मिला.
2022 में AAP की जीत में निभाई थी अहम भूमिका
राघव चड्ढा 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में AAP के प्रमुख रणनीतिकारों में शामिल थे. उन्होंने पार्टी के चुनाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाई थी. उस चुनाव में AAP ने पंजाब में स्पष्ट बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी.
हालांकि, चड्ढा ने खुद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन पंजाब में पार्टी के संगठन और चुनावी रणनीति में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती थी. यही राजनीतिक अनुभव अब बीजेपी के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है.
Sukhbir Badal की PM मोदी से मुलाकात ने भी बढ़ाई हलचल
राघव चड्ढा की पीएम मोदी से मुलाकात से पहले शुक्रवार को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. इसके बाद बीजेपी और SAD के बीच पुराने गठबंधन की संभावित वापसी को लेकर चर्चा तेज हुई है.
हालांकि, दोनों दलों की ओर से गठबंधन को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. मीडिया रिपोर्टों में इसे आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है.
बीजेपी की पंजाब रणनीति में क्या होगा चड्ढा का रोल?
बीजेपी लंबे समय से पंजाब में अपने संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है. पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनाव में खुद को मजबूत दावेदार के तौर पर स्थापित करने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. ऐसे में AAP के अंदरूनी कामकाज और पंजाब की चुनावी राजनीति से अच्छी तरह परिचित राघव चड्ढा पार्टी के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं.
फिलहाल पीएम मोदी से उनकी मुलाकात के बाद अटकलों का दौर जरूर शुरू हो गया है, लेकिन राघव चड्ढा को पंजाब चुनाव में कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलने की पुष्टि अभी नहीं हुई है. आने वाले दिनों में बीजेपी की ओर से उनकी भूमिका को लेकर कोई घोषणा होती है या नहीं, इस पर सबकी नजर रहेगी.

