भारत-इटली रिश्तों को नई रफ्तार, मोदी-मेलोनी ने रखा 20 अरब यूरो व्यापार का लक्ष्य

नई दिल्ली। भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए और ऐतिहासिक मुकाम पर ले जाने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी कार्ययोजना (रोडमैप) तैयार की है। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया मंचों पर साझा किए गए एक विशेष लेख में अपने आपसी रिश्तों को 'स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' यानी विशेष रणनीतिक साझेदारी का नाम दिया है। इस लेख में रेखांकित किया गया है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और इटली के मजबूत होते संबंध उभरते हुए 'इंडो-मेडिटेरेनियन' (हिंद-भूमध्यसागरीय) युग का सबसे मजबूत आधार बनने जा रहे हैं, जो हिंद-प्रशांत क्षेत्र से लेकर भूमध्य सागर तक शांति और प्रगति को बढ़ावा देगा।

साझा विजन और लोकतंत्र के मजबूत स्तंभ

'इटली एंड इंडिया: ए स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप फॉर द इंडो-मेडिटेरेनियन' शीर्षक से लिखे गए इस साझा लेख में दोनों देशों के नेतृत्व ने खुले तौर पर स्वीकार किया है कि भारत और इटली के आपसी संबंध अब एक निर्णायक और ऐतिहासिक मोड़ पर आ खड़े हुए हैं। नेताओं का मानना है कि यह रिश्ता अब केवल औपचारिक कूटनीति या सामान्य दोस्ती तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून के शासन और भविष्य के एक जैसे साझा दृष्टिकोण पर टिकी हुई एक बेहद मजबूत एवं भरोसेमंद वैश्विक साझेदारी का रूप ले चुका है।

औद्योगिक तालमेल और व्यापार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प

इस नए रणनीतिक रोडमैप के तहत दोनों देशों की अद्वितीय ताकतों को एक मंच पर लाने की व्यापक रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें इटली की विश्व प्रसिद्ध औद्योगिक व विनिर्माण विशेषज्ञता को भारत की तेजी से बढ़ती विशाल अर्थव्यवस्था, मजबूत इनोवेशन इकोसिस्टम और बेहतरीन इंजीनियरिंग कौशल के साथ जोड़ा जाएगा। दोनों देशों ने आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ा मील का पत्थर तय करते हुए साल 2029 तक अपने आपसी द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो से अधिक के पार पहुंचाने का एक बड़ा लक्ष्य रखा है। इस भारी-भरकम व्यापारिक लक्ष्य को हासिल करने के लिए रक्षा उत्पादन, एयरोस्पेस, स्वच्छ व नवीकरणीय ऊर्जा, आधुनिक मशीनरी, फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा उद्योग (टेक्सटाइल) और पर्यटन जैसे प्रमुख व उभरते हुए क्षेत्रों पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

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