तृणमूल कांग्रेस ने उन खबरों पर जवाब दिया है जिसमें कहा गया है कि पार्टी MP अभिषेक बनर्जी Abhishek Banerjee को कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) से कथित तौर पर जुड़ी कई प्रॉपर्टीज़ के बारे में नोटिस मिला है. TMC के मुताबिक, “नोटिस पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत है और इसका कोई भरोसा नहीं है.”
नोटिस ‘पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत’- टीएमसी
TMC के एक बयान में कहा, “हमें KMC नोटिस से जुड़े मीडिया कवरेज और पोस्ट मिले हैं, जिसे BJP ने ‘अनऑफिशियली’ लीक किया था – जिसमें AITC के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और माननीय MP श्री अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कई प्रॉपर्टीज़ को हाईलाइट किया गया था, साथ ही दूसरे नेताओं को भी इस मामले से जोड़ने की कोशिश की गई थी. नोटिस और पिछले कुछ दिनों की मीडिया कवरेज पूरी तरह से झूठा, मनगढ़ंत है और इसका कोई भरोसा नहीं है.”
पत्रकारों पहले नोटिस की जांच करें- टीएमसी
TMC के बयान में “बुनियादी नैतिकता और समझ” रखने वाले पत्रकारों से कहा गया कि वे बताए गए पतों पर जाएं या नोटिस में दिए गए नंबरों पर कॉल करके फैक्ट्स को वेरिफाई करें, न कि “सिर्फ BJP द्वारा फैलाई जा रही बातों को फैलाएं”.
पार्टी ने चेतावनी दी कि“हम मीडिया जगत से गुज़ारिश करते हैं कि वे ऐसी मनगढ़ंत पोस्ट और कहानियों को बढ़ावा देने के बजाय संवेदनशीलता और ज़िम्मेदारी दिखाएँ. किसी भी झूठी रिपोर्टिंग या गुमराह करने वाली पोस्ट से कानून के नियमों के मुताबिक सही कोर्ट में निपटा जाएगा.”
Abhishek Banerjee से जुड़ी 17 से 21 प्रॉपर्टीज़ के संबंध में भेजा गया है नोटिस
यह बयान उन रिपोर्ट्स के बाद आया है जिनमें कहा गया था कि TMC की KMC ने पार्टी के नेशनल जनरल सेक्रेटरी और MP अभिषेक बनर्जी से जुड़ी कई प्रॉपर्टीज़ को नोटिस जारी किए हैं, और जाँच के लिए मंज़ूर बिल्डिंग प्लान और उससे जुड़े डॉक्यूमेंट्स माँगे हैं.
PTI की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बनर्जी, उनके परिवार के सदस्यों और एक कंपनी की कथित तौर पर मालिकाना हक वाली या उनसे जुड़ी 17 से 21 प्रॉपर्टीज़ के संबंध में नोटिस भेजे गए हैं, ताकि यह वेरिफाई किया जा सके कि इन जगहों पर कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन द्वारा अप्रूव्ड प्लान के अनुसार है या नहीं.
कथित नोटिस किस बारे में हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन प्रॉपर्टीज़ की जांच हो रही है, उनमें अभिषेक बनर्जी का 188A हरीश मुखर्जी रोड पर घर, कालीघाट रोड पर पास की एक बिल्डिंग, और प्रेमेंद्र मित्रा सरानी, पंडितिया रोड और उस्ताद आमिर खान सरानी जैसी जगहों पर कई दूसरी जगहें शामिल हैं.
PTI के हवाले से सिविक अधिकारियों के मुताबिक, नोटिस कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1980 के सेक्शन 400(1) के तहत जारी किए गए थे, जो अधिकारियों को कथित बिना इजाज़त कंस्ट्रक्शन के बारे में जवाब मांगने और प्रॉपर्टी मालिकों को अपना मामला पेश करने का मौका देने का अधिकार देता है.
नोटिस में कंस्ट्रक्शन के काम से जुड़े अप्रूव्ड बिल्डिंग प्लान और डॉक्यूमेंट्स मांगे गए हैं, और यह भी साफ़ करने को कहा गया है कि क्या लिफ्ट और एस्केलेटर जैसे इंस्टॉलेशन समेत स्ट्रक्चर में कुछ जोड़ने या बदलने के लिए ज़रूरी परमिशन ली गई थी.
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