Iran US Conflict : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के सामने शांति प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पांच सख्त शर्तें रखी हैं. ईरान की सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. हालांकि, इन शर्तों की अभी तक अमेरिका या ईरान की तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन दावों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है.
Iran US Conflict:अमेरिका की 5 शर्तें क्या हैं?
रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने साफ किया है कि
पहली शर्त – ईरान पर हुई बमबारी से हुए नुकसान का कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा.
दूसरी शर्त -अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने 400 किलोग्राम समृद्ध यूरेनियम अमेरिका को सौंप दे.
तीसरी शर्त – ईरान में सिर्फ एक परमाणु केंद्र ही चालू रहना चाहिए.
चौथी शर्त -ईरान की विदेशी बैंकों में फ्रीज संपत्तियों का सिर्फ 25 फीसदी हिस्सा ही जारी किया जाएगा.
पांचवीं शर्त – लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की मांग की गई है.
ईरान की खुली धमकी- ‘ओमान सागर बनेगा कब्रगाह’
अमेरिका की शर्तों के जवाब में ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है. ईरानी सुप्रीम लीडर के सलाहकार और पूर्व IRGC कमांडर मोहसिन रेजाई ने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म नहीं की तो ओमान सागर अमेरिकी सेना का कब्रगाह बन जाएगा. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी युद्ध जैसी कार्रवाई है और इसका जवाब देना तेहरान का अधिकार है.
UAE के परमाणु संयंत्र पर ड्रोन हमला
तनाव के बीच UAE के बराकाह परमाणु ऊर्जा संयंत्र के बाहर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद वहां आग लग गई. प्रारंभिक जांच में ईरान पर शक जताया जा रहा है। यह पहली बार है जब UAE के किसी न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाया गया है.
भारत पहुंचे 15 LPG जहाज, होर्मुज संकट के बीच राहत
होर्मुज स्ट्रेट संकट के बावजूद भारत को राहत मिली है. मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला LPG टैंकर ‘सिमी’ 20 हजार टन गैस लेकर कांडला पोर्ट पहुंचा. युद्ध शुरू होने के बाद अब तक 15 LPG जहाज भारत पहुंच चुके हैं.
भारत का स्पष्ट संदेश- शिपिंग रोकना मंजूर नहीं
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने साफ कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में कॉमर्शियल शिपिंग रोकना अस्वीकार्य है. भारत ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित करना पूरी दुनिया के लिए खतरनाक होगा.
ट्रम्प का नया ऑफर- 20 साल रोक दो परमाणु कार्यक्रम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहली बार ईरान के परमाणु कार्यक्रम को स्थायी रूप से बंद करने की बजाय 20 साल के लिए सस्पेंड करने का प्रस्ताव दिया है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान का समय तेजी से खत्म हो रहा है. ट्रम्प ने कहा,
“अगर ईरान ने जल्द फैसला नहीं लिया तो उसके पास कुछ भी नहीं बचेगा।”
इजराइल पहुंचे अमेरिकी हथियार, नए हमले की तैयारी?
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 24 घंटे में जर्मनी स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों से दर्जनों कार्गो विमान हथियार और गोला-बारूद लेकर तेल अवीव पहुंचे हैं. इसे ईरान के खिलाफ संभावित नए हमलों की तैयारी माना जा रहा है.
नेतन्याहू-ट्रम्प की अहम बातचीत
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बीच रविवार को फोन पर लंबी बातचीत हुई.
बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई और युद्ध दोबारा शुरू होने की स्थिति पर चर्चा की.
इसके बाद नेतन्याहू ने यरुशलम में शीर्ष मंत्रियों और सुरक्षा अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई.
अमेरिकी सीनेटर की मांग- ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमला करो
रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ईरान के ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की वकालत की है. उन्होंने कहा कि अगर लड़ाई दोबारा शुरू होती है तो ईरान की ऊर्जा व्यवस्था पर हमला सबसे प्रभावी रणनीति होगी.
ईरान में लड़कियों को AK-47 ट्रेनिंग
अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान में युवा लड़कियों को AK-47 असॉल्ट राइफल चलाने और खोलने-जोड़ने की ट्रेनिंग दी जा रही है. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में लड़कियां सैन्य प्रशिक्षण लेती दिख रही हैं.विशेषज्ञ इसे संभावित बड़े संघर्ष की तैयारी मान रहे हैं.
🅾️ وهذا ايضاً:
دروس في تفكيك وتركيب بنادق كلاشينكوف للنساء المؤيدات للنظام الايراني. https://t.co/KrXbrrbm9B pic.twitter.com/EK8Qk5H0LJ— Safaa Subhi صفاء صبحي (@SafaaAlNuaimi) May 18, 2026
क्या मध्य पूर्व में फिर भड़केगा बड़ा युद्ध?
अमेरिका की सख्त शर्तें, ईरान की धमकियां, इजराइल की सैन्य तैयारियां और ट्रम्प-नेतन्याहू की बैठकों ने संकेत दे दिए हैं कि मध्य पूर्व में हालात बेहद संवेदनशील हैं. अगर कूटनीतिक बातचीत विफल होती है तो आने वाले दिनों में बड़ा सैन्य टकराव पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार को झटका दे सकता है.

