SIR Phase 3 : भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision-SIR) के तीसरे चरण का ऐलान कर दिया है. इस चरण में 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा. आयोग ने यह कार्यक्रम जनगणना की हाउस लिस्टिंग प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए तय किया है.
Special Intensive Revision – Phase III
SIR to be conducted in phased manner in 16 States and 3 UTs
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— Election Commission of India (@ECISVEEP) May 14, 2026
SIR Phase 3: इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में होगा SIR
निर्वाचन आयोग के अनुसार तीसरे चरण में आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पंजाब, ओडिशा, झारखंड, दिल्ली, मणिपुर, मिजोरम, सिक्किम, नागालैंड, त्रिपुरा, मेघालय और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, दमन-दीव समेत कुल 19 क्षेत्रों को शामिल किया गया है.
36.73 करोड़ मतदाताओं का होगा सत्यापन
आयोग ने बताया कि इस चरण में करीब 3.94 लाख बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर 36.73 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन करेंगे.
इसके अलावा राजनीतिक दलों की ओर से नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी इस प्रक्रिया में सहयोग करेंगे.
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की है कि वे हर मतदान केंद्र पर अपने BLA नियुक्त करें, ताकि पुनरीक्षण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बन सके.
देशभर में लगभग पूरा हो जाएगा SIR
आयोग के मुताबिक तीसरा चरण पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरे देश में विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य पूरा हो जाएगा. इन तीन क्षेत्रों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बाद में कार्यक्रम घोषित किया जाएगा.
पहले दो चरणों में 59 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन
निर्वाचन आयोग ने बताया कि पहले दो चरणों में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में करीब 59 करोड़ मतदाताओं का पुनरीक्षण किया गया. इस दौरान 6.3 लाख BLOs और 9.2 लाख BLAs की भागीदारी रही.
क्या है SIR का मकसद?
SIR का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को सटीक, अपडेटेड और त्रुटिरहित बनाना है ताकि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता और मजबूत हो सके.

