Sadhguru का फिटनेस सीक्रेट: सुबह ये चीजें खाएं, कुछ ही दिनों में दिखेगा असर

सद्गुरु द्वारा बताए गए डाइट प्लान और हेल्दी लाइफस्टाइल के टिप्स को मैंने और अधिक व्यवस्थित और प्रभावी तरीके से यहाँ प्रस्तुत किया है:


सद्गुरु का 'एनर्जी मंत्र': दिनभर ऊर्जावान रहने के लिए डाइट में करें ये बदलाव

सद्गुरु के अनुसार, हमारी सेहत सीधे तौर पर हमारे भोजन से जुड़ी है। उनका एक दिलचस्प तर्क है कि वर्तमान में लोग अपनी 70% ऊर्जा भोजन से प्राप्त कर रहे हैं, जबकि आदर्श रूप से भोजन का योगदान केवल 30% होना चाहिए। शेष ऊर्जा हमारे शरीर की आंतरिक कार्यक्षमता और सक्रियता से आनी चाहिए।

1. सुबह की शुरुआत: नीम और हल्दी का मेल

सद्गुरु अपने दिन की शुरुआत सबसे पहले नीम और हल्दी की छोटी गोलियों से करते हैं।

  • कैसे बनाएं: ताजी नीम की पत्तियों और हल्दी को पीसकर छोटी गोलियों का रूप दिया जाता है।

  • फायदा: यह मिश्रण शरीर के इम्यून सिस्टम को जबरदस्त मजबूती देता है और पेट के भीतर हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करता है।

  • सेवन विधि: इसे थोड़े गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए ताकि यह पेट में अच्छी तरह फैल सके।

2. डिटॉक्स के लिए अंकुरित मेथी

शरीर से विषाक्त पदार्थों (Toxins) को बाहर निकालने के लिए सद्गुरु अंकुरित मेथी का सेवन करते हैं। मेथी के दानों को चबाकर खाने से पाचन तंत्र सुधरता है और शरीर अंदरूनी रूप से साफ होता है।

3. सद्गुरु का 'पावर ब्रेकफास्ट'

सद्गुरु नाश्ते में भारी और तैलीय चीजों के बजाय प्राकृतिक और जीवित भोजन (Live Food) को प्राथमिकता देते हैं:

  • अंकुरित मूंगफली: यह प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत है। सद्गुरु बताते हैं कि कई बार वह केवल मुट्ठी भर भीगी हुई मूंगफली और एक केले के दम पर पूरा दिन ऊर्जावान रहते हैं। (नोट: मूंगफली को कम से कम 6-8 घंटे भिगोना जरूरी है ताकि उसके पित्त कारक तत्व निकल जाएं)।

  • अन्य मेवे: बादाम, अखरोट और अंकुरित मूंग दाल भी उनके नाश्ते का अहम हिस्सा हैं, जो शरीर को आवश्यक माइक्रोन्यूट्रिएंट्स प्रदान करते हैं।


क्या न खाएं?

सद्गुरु सुबह के समय भारी भोजन जैसे आलू पराठा या छोले भटूरे खाने से बचने की सलाह देते हैं। उनके अनुसार, ऐसा भोजन शरीर को सुस्त बनाता है और ऊर्जा देने के बजाय उसे पचाने में ही शरीर की सारी शक्ति खर्च हो जाती है।

सद्गुरु के खास टिप्स:

"भोजन ऐसा होना चाहिए जो आपको सतर्क (Alert) रखे, न कि नींद और सुस्ती लाए। यदि खाने के बाद आप सुस्त महसूस कर रहे हैं, तो इसका मतलब है कि वह भोजन आपके शरीर के अनुकूल नहीं है।"


नोट: किसी भी नए डाइट रूटीन को शुरू करने से पहले, विशेषकर यदि आपको कोई पुरानी बीमारी है, तो अपने डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।

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