ऐसा चुनाव कभी नहीं देखा…” हार के बाद भड़कीं ममता बनर्जी, चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

Mamata Banerjee On Defeat : ‘हमारी लड़ाई बीजेपी से नहीं, चुनाव आयोग से थी’- पश्चिम बंगाल चुनाव में करारी हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी लड़ाई बीजेपी से नहीं, बल्कि चुनाव आयोग से थी. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में निष्पक्षता नहीं बरती गई और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाया गया. उन्होंने कहा कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में उन्होंने ऐसा चुनाव पहले कभी नहीं देखा.

Mamata Banerjee On Defeat -‘100 सीटें चुराई गईं’

ममता बनर्जी ने दावा किया कि उनकी पार्टी All India Trinamool Congress (TMC) चुनाव नहीं हारी, बल्कि उनकी “करीब 100 सीटें चुरा ली गईं”. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने निष्पक्ष भूमिका नहीं निभाई और यह लोकतंत्र के लिए “काला दिन” है. साथ ही उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को इस चुनाव का “खलनायक” तक बता दिया.

गिरफ्तारी और साजिश का आरोप

ममता ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने कहा कि Election Commission of India और Bharatiya Janata Party (BJP) ने मिलकर TMC के खिलाफ रणनीति बनाई है. उनके मुताबिक, इस पूरी प्रक्रिया में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की भूमिका भी रही, जिससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं.

15 साल बाद सत्ता से बाहर TMC

साल 2011 में सत्ता में आई ममता बनर्जी लगातार तीन चुनाव जीतकर बंगाल की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाए हुए थीं. 2021 के चुनाव में TMC ने 214 सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया था, लेकिन इस बार पार्टी सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई. यह गिरावट पार्टी के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है.

भवानीपुर से भी हारीं ममता

इस चुनाव में ममता बनर्जी को व्यक्तिगत तौर पर भी बड़ा नुकसान हुआ, वो Bhabanipur सीट से 15 हजार से ज्यादा वोटों से हार गईं. उन्हें दूसरी बार Suvendu Adhikari ने हराया, जो इस चुनाव में बीजेपी की बड़ी जीत का प्रतीक बन गया.

बंगाल में पहली बार BJP सरकार

पश्चिम बंगाल में Bharatiya Janata Party ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 206 सीटों पर जीत हासिल की है और पहली बार सरकार बनाने जा रही है.

बीजेपी का वोट शेयर 45.84% तक पहुंच गया, जबकि TMC का वोट शेयर घटकर 40.80% रह गया. यह बदलाव बंगाल की राजनीति में बड़े परिवर्तन का संकेत माना जा रहा है.

राजनीतिक असर और आगे की राह

इस चुनाव के नतीजे न सिर्फ पश्चिम बंगाल बल्कि राष्ट्रीय राजनीति पर भी असर डाल सकते हैं. ममता बनर्जी के आरोपों से चुनाव आयोग की भूमिका पर बहस तेज हो सकती है, वहीं बीजेपी की जीत 2029 के आम चुनावों से पहले पार्टी के आत्मविश्वास को और बढ़ाएगी. हलांकि ममता बैनर्जी इसे अपना राजनीतिक हार मान रही है और उनके तेवरों से ये साफ है कि वो चुपचाप बैठने वालों में नहीं हैं. ममता बैनर्ती ने कहा भी है कि वो इन चुनाव परिणामों को अदालत में चुनौती देंगी. ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर होगी कि TMC इन आरोपों को लेकर क्या कानूनी या राजनीतिक कदम उठाती है .

Latest news

Related news