Tuesday, July 7, 2026
Home Breaking News कोलकाता पुलिस के DCP पर ED का शिकंजा,जारी हुआ लुकआउट नोटिस

कोलकाता पुलिस के DCP पर ED का शिकंजा,जारी हुआ लुकआउट नोटिस

0
142
Kolkata DCP Lookout Notice
Kolkata DCP Lookout Notice

Kolkata DCP Lookout Notice : पश्चिम बंगाल में भले ही अबी नई सरकार का गठन नहीं हुआ हो लेकिन केंद्रीय एजेसियियों ने अपना काम शुरु कर दिया है. राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई ने रफ्तार पकड़ लिया है. इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता पुलिस के रसूखदार अधिकारी DCP शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी कर दिया है. मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोपों में घिरे शांतनु सिन्हा बिस्वास पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.

Kolkata DCP Lookout Notice:देश छोड़कर फरार होने की आशंका

सूत्रों के मुताबिक, ईडी को पुख्ता जानकारी मिली है कि शांतनु सिन्हा बिस्वास जांच से बचने के लिए विदेश भागने की फिराक में हैं. कई बार समन भेजे जाने के बावजूद वे एजेंसी के सामने पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए. इसी संभावित खतरे को देखते हुए देश के सभी एयरपोर्ट और इमिग्रेशन चेक पॉइंट्स को अलर्ट कर दिया गया है. लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद अब वह बिना इजाजत देश की सीमा पार नहीं कर पाएंगे.

छापेमारी में मिले थे चौंकाने वाले सबूत

बता दें कि बीते 19 अप्रैल को ईडी की टीम ने शांतनु सिन्हा और ‘सन एंटरप्राइज’ के एमडी जॉय कामदार के ठिकानों पर एक साथ रेड की थी. इस छापेमारी में जांच एजेंसी के हाथ कई ऐसे डिजिटल दस्तावेज और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड लगे हैं, जो सीधे तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग की ओर इशारा करते हैं. छापेमारी के दौरान उनकी मौजूदगी को लेकर भी काफी सस्पेंस रहा था, जहां उनके परिवार ने पूछताछ का दावा किया था, वहीं आधिकारिक सूत्रों ने उनके घर पर न होने की बात कही थी.

क्या होता है लुकआउट नोटिस?

जब किसी आरोपी या संदिग्ध व्यक्ति के जांच में सहयोग न करने या देश छोड़कर भागने की आशंका होती है, तब जांच एजेंसियां लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी करती हैं. इसके सक्रिय होते ही आरोपी को किसी भी इंटरनेशनल बॉर्डर, बंदरगाह या एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया जा सकता है.

सियासी रसूख और सत्ता परिवर्तन का असर

शांतनु सिन्हा बिस्वास का नाम लंबे समय से पूर्व सरकार के बेहद करीबी अधिकारियों की सूची में शामिल रहा है. चर्चा है कि तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व और खासकर ममता बनर्जी के साथ उनके मधुर संबंधों के कारण उन पर पहले भी कई आरोप लगे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. अब राज्य में सत्ता का समीकरण बदलते ही पुरानी फाइलों के खुलने का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे बिस्वास की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं.

कानूनी शिकंजे में फंसे बिस्वास

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि ‘सन एंटरप्राइज’ के जरिए किन-किन लोगों के काले धन को सफेद किया गया. ईडी के अधिकारियों का मानना है कि बिस्वास की गिरफ्तारी से बंगाल के कई अन्य रसूखदार चेहरों के नाम भी सामने आ सकते हैं. फिलहाल, लुकआउट नोटिस जारी होने के बाद कोलकाता पुलिस महकमे में भी हड़कंप मचा हुआ है.