समुद्र के बीच हंता वायरस का कहर,3 लोगों की मौत के बाद 150 यात्रियों को नीचे उतरने की नहीं मिल रही है इजाजत

Hantavirus on cruise ship नई दिल्ली/केप वर्डे: सोचिए, आप लाखों रुपए का टिकट लेकर एक लग्जरी क्रूज पर अटलांटिक महासागर की सैर पर निकले हों, लेकिन अचानक वह सफर ‘मौत के साये’ में बदल जाए. कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर इस समय ‘एमवी होंडियस’ (MV Hondius) नामक क्रूज शिप पर देखने को मिल रहा है. समुद्र के बीचों-बीच फंसा यह जहाज अब एक रहस्यमयी वायरस की चपेट में है, जिससे अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है.

Hantavirus on cruise ship: WHO ने की पुष्टि

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोमवार को पुष्टि की कि ‘ओशनवाइड एक्सपीडिशंस’ कंपनी द्वारा संचालित पोलर क्रूज जहाज पर ‘हंता वायरस’ का संक्रमण फैल गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर सवार 6 लोगों में इस वायरस के लक्षण पाए गए थे, जिनमें से 3 की मौत हो चुकी है. एक संक्रमित व्यक्ति फिलहाल दक्षिण अफ्रीका के अस्पताल में आईसीयू (ICU) में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है.

बीच समुद्र में फंसे 155 यात्री

यह क्रूज 20 मार्च को अर्जेंटीना के उशुआइया से अपनी यात्रा पर निकला था और इसे 4 मई को केप वर्डे पहुंचना था लेकिन संक्रमण के कारण स्थिति बदल गई है. जहाज पर कुल 155 लोग सवार हैं, जिनमें 87 यात्री और 61 क्रू मेंबर्स शामिल हैं. यात्रियों में सबसे ज्यादा अमेरिका (17), यूके (19) और स्पेन (13) के नागरिक हैं. कंपनी के अनुसार, क्रू के दो सदस्यों को सांस लेने में भारी तकलीफ है और उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाने की जरूरत है.

इंफ्लुएंसर का दर्द: “हम सिर्फ हेडलाइन नहीं, इंसान हैं”

बोस्टन के मशहूर ट्रैवल ब्लॉगर जेक रोसमारिन, जो खुद इस जहाज पर मौजूद हैं, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक दिल दहला देने वाला वीडियो साझा किया है. रोते हुए जेक ने कहा, मैं आम तौर पर ऐसे वीडियो नहीं बनाता, लेकिन यहाँ जो हो रहा है वह बहुत डरावना है. हम सिर्फ एक खबर या हेडलाइन नहीं हैं. हम इंसान हैं, हमारे परिवार हैं जो घर पर इंतजार कर रहे हैं. यहाँ भारी अनिश्चितता है और हम बस सुरक्षित घर वापस जाना चाहते हैं.”

क्या है हंता वायरस और यह कैसे फैलता है?

हंता वायरस (Hantavirus) मुख्य रूप से चूहों (Rodents) से फैलने वाला एक खतरनाक वायरस है.

  • फैलने का तरीका: यह संक्रमण चूहों के मल, मूत्र या लार के संपर्क में आने से फैलता है. यदि कोई व्यक्ति ऐसी जगह की सफाई करता है जहाँ संक्रमित चूहे रहे हों, तो धूल के कणों के जरिए यह वायरस सांस के साथ शरीर में जा सकता है.

  • इंसान से इंसान: राहत की बात यह है कि इंसान से इंसान में इसका फैलना बेहद दुर्लभ है.

  • इलाज: फिलहाल इस वायरस के लिए कोई विशेष वैक्सीन उपलब्ध नहीं है.

सावधान! इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

हंता वायरस के लक्षण (Hantavirus Pulmonary Syndrome) संक्रमण के 2 से 4 हफ्ते बाद दिखाई देते हैं:

  1. शुरुआती लक्षण: बुखार, तेज सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना और चक्कर आना.

  2. पेट की समस्या: उल्टी, दस्त और जी मिचलाना.

  3. गंभीर स्थिति: अचानक सांस लेने में भारी कठिनाई और ब्लड प्रेशर का तेजी से गिरना.

फिलहाल विश्व स्वास्थ्य संगठन ( WHO) और संबंधित देश इस जहाज पर मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालने और संक्रमण को रोकने की कोशिशों में जुटे हैं लेकिन समुद्र की लहरों के बीच कैद इन 155 लोगों के लिए हर बीतता मिनट किसी बुरे सपने से कम नहीं है.

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