Scientists Mysterious Deaths : दुनिया की दो महाशक्तियों, अमेरिका और चीन के बीच चल रही तकनीक की जंग अब एक खतरनाक और रहस्यमयी मोड़ पर आ गई है. दोनों ही देशों के शीर्ष सुरक्षा और रक्षा क्षेत्रों से जुड़े वैज्ञानिक संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो रहे हैं या उनकी मौत हो रही है.अब तक 20 से ज्यादा ऐसे दिग्गजों के नाम सामने आए हैं जो न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी, हाइपरसोनिक मिसाइल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्पेस रिसर्च जैसे संवेदनशील प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे थे.
At least 6 U.S. scientists and researchers with ties to NASA, MIT, Caltech, and national security labs have died under unusual or unclear circumstances since 2022. Five others are missing.
Dead:
• Jason Thomas, Novartis pharmaceutical researcher, cancer treatments. Body found… pic.twitter.com/jyE5RG9K1T
— Open Source Intel (@Osint613) April 23, 2026
Scientists Mysterious Deaths:अमेरिका से 11 और चीन से 9 वैज्ञानिक गायब
इन घटनाओं ने वैश्विक स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी ह. अमेरिका में जहां 11 से अधिक वैज्ञानिकों के लापता होने या मृत मिलने की खबर है, वहीं चीन में भी 9 से ज्यादा दिग्गज वैज्ञानिकों की जान जा चुकी है. एफबीआई अब इन सभी मामलों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, क्योंकि इन घटनाओं का जो पैटर्न उभरकर सामने आ रहा है, वह किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय साजिश की ओर इशारा कर रहा है.
अमेरिका में वैज्ञानिकों का गायब होना: बिना सुराग के हुए ओझल
अमेरिका में वैज्ञानिकों के लापता होने का सिलसिला बेहद चौंकाने वाला है. नासा के इंजीनियरों से लेकर एयरफोर्स के बड़े जनरलों तक, कई लोग अचानक से गायब हो गए. सबसे ज्यादा चर्चा मेजर जनरल विलियम नील मैककैसलैंड की हो रही है, जो एयरफोर्स रिसर्च लेबोरेटरी के कमांडर रह चुके थे और यूएफओ की जांच में भी शामिल थे. फरवरी 2026 की एक शाम वे घर से टहलने निकले और फिर कभी वापस नहीं लौटे. हैरानी की बात यह है कि उन्होंने अपना फोन, चश्मा और स्मार्टवॉच सब घर पर ही छोड़ दिया था, बस अपनी रिवॉल्वर साथ ले गए थे.
इसी तरह का एक और डरावना मामला नासा की एयरोस्पेस इंजीनियर मोनिका रेजा का है। वे रॉकेट्स के लिए सुपर-अलॉय मेटल विकसित करने वाले प्रोजेक्ट पर काम कर रही थीं. कैलिफोर्निया के जंगलों में दोस्तों के साथ ट्रेकिंग के दौरान वे अचानक 30 फीट पीछे रह गईं और देखते ही देखते गायब हो गईं. बचाव दल की कड़ी मशक्कत के बावजूद उनका कोई नामोनिशान नहीं मिला. वहीं, न्यूक्लियर प्रोपल्शन प्रोजेक्ट से जुड़े युवा इंजीनियर जोशुआ ले ब्लैंक की उनकी कार में जलकर मौत हो गई, जबकि वे उस वक्त काम पर भी नहीं निकले थे.
चीन में ‘एक्सीडेंट’ के पीछे छिपा है गहरा राज?
चीन में भी स्थिति कुछ अलग नहीं है, लेकिन वहां वैज्ञानिकों की मौतों को अक्सर दुर्घटना या बीमारी का नाम दिया जा रहा है. चीन के शीर्ष 9 वैज्ञानिकों की मौत पिछले कुछ समय में बेहद संदिग्ध तरीके से हुई है. इनमें नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ डिफेंस टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर फेंग यांगहे का नाम सबसे ऊपर है. 38 साल के फेंग ताइवान के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले एआई सिमुलेशन मॉडल पर काम कर रहे थे। बीजिंग में एक रात ढाई बजे उनकी कार का एक्सीडेंट हुआ और उनकी मौत हो गई, जिसे सरकार ने ‘ड्यूटी पर बलिदान’ करार दिया.
चीन के अन्य महत्वपूर्ण वैज्ञानिकों जैसे माइक्रोइलेक्ट्रॉनिक्स विशेषज्ञ चेन शुमिंग और स्पेस एक्सपर्ट झांग शियाओशिन की मौत भी सड़क हादसों में ही हुई है. इसके अलावा, हाइपरसोनिक्स के क्षेत्र में क्रांति लाने वाले वैज्ञानिक फांग दाइनिंग और यान होंग की मौत भी हाल ही में बीमारी और मेडिकल एपिसोड के कारण हुई है. ये सभी वैज्ञानिक उन हथियारों को विकसित कर रहे थे जो भविष्य के युद्धों की दिशा बदल सकते हैं.
साजिश या महज इत्तेफाक: क्या कह रही है सरकारें?
इन रहस्यों ने अमेरिकी राजनीति में भी तूफान ला दिया है. रिपब्लिकन सांसद एरिक बर्लिसन का मानना है कि यह केवल संयोग नहीं हो सकता. उन्होंने आशंका जताई है कि चीन, रूस या ईरान जैसे देश अमेरिका की तकनीक को पीछे धकेलने के लिए एक सुनियोजित ‘फॉरेन ऑपरेशन’ चला रहे हैं. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इन घटनाओं को बेहद गंभीर बताया है और एफबीआई को गहन जांच के आदेश दिए हैं.
हालांकि, कुछ विशेषज्ञ इसे काम के दबाव और व्यक्तिगत कारणों से जुड़ी घटनाएं मान रहे हैं, लेकिन घटनाओं की समानता – जैसे घर से बिना फोन-वॉलेट के निकलना और फिर कभी न मिलना – किसी गहरी साजिश की गंध देती है. क्या यह किसी अज्ञात शक्ति का खेल है या फिर महाशक्तियों के बीच चल रहा एक ‘साइलेंट वॉर’, इसका जवाब अभी तक किसी के पास नहीं है.
वो वैज्ञानिक जिनकी अब तक हो चुकी है रहस्यमयी मौत
• 17 मार्च, 2026.- जेसन थॉमस, नोवार्टिस फार्मास्यूटिकल शोधकर्ता, कैंसर के इलाज पर काम करते थे। उनका शव MA की क्वानपोविट झील में मिला.
• 16 फरवरी, 2026.- कार्ल ग्रिलमेयर, Caltech के खगोल भौतिकीविद, NASA के NEOWISE और NEO Surveyor मिशन पर काम करते थे। उनके घर के बाहर उन्हें गोली मार दी गई.
• 16 दिसंबर, 2025-नूनो लोरेइरो, MIT के प्लाज्मा साइंस और फ्यूजन सेंटर के निदेशक. उनके घर के बाहर उन्हें गोली मार दी गई, जिससे उनकी मौत हो गई.
• 4 जुलाई, 2024- फ्रैंक माइवाल्ड, NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में मुख्य शोधकर्ता। 4 जुलाई, 2024 को उनका निधन हो गया. मौत का कारण अज्ञात है.
• 30 जुलाई, 2023 – माइकल डेविड हिक्स, NASA JPL के शोध वैज्ञानिक, DART प्रोजेक्ट और Deep Space 1 मिशन पर काम करते थे. 30 जुलाई, 2023 को उनका निधन हो गया. मौत का कारण अज्ञात है.
• 11 जून, 2022 – एमी एस्क्रिडेज, एंटी-ग्रेविटी तकनीक और बाहरी ग्रहों पर जीवन की शोधकर्ता. 11 जून, 2022 को उनका निधन हो गया. इसे खुद को गोली मारने का मामला माना गया.
वे वैज्ञानिक को अभी लापता हैं
• विलियम “नील” मैककैसलैंड, U.S. वायु सेना के पूर्व मेजर जनरल. 27 फरवरी 2026 से लापता हैं. आखिरी बार उन्हें NM के सैंडिया पहाड़ों में हाइकिंग करते हुए देखा गया था.
• स्टीवन गार्सिया, Kansas City National Security Campus, Albuquerque, NM में सरकारी ठेकेदार. 28 अगस्त, 2025 से लापता हैं.
• एंथनी चावेज़, Los Alamos National Laboratory के पूर्व कर्मचारी. 8 मई, 2025 से लापता हैं.
• मेलिसा कैसियस, Los Alamos National Laboratory में प्रशासनिक अधिकारी. 26 जून, 2025 से लापता हैं.
• मोनिका रेज़ा, NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में सामग्री प्रसंस्करण निदेशक. 22 जून, 2025 से लापता हैं.

