तमिलनाडु में कल काले झंडे लगा होगा विरोध, स्टालिन बोले,’डीलिमिटेशन = दक्षिणी राज्यों के लिए सज़ा’

बुधवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपनी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के सांसदों की एक इमरजेंसी मीटिंग की अध्यक्षता की. इस मीटिंग में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित डिलिमिटेशन अमेंडमेंट Delimitation Amendment बिल का विरोध करने को लेकर रणनीति बनाई गई. स्टालिन ने डिलिमिटेशन अमेंडमेंट के खिलाफ पूरे राज्य में काले झंडे दिखाने का आह्वान किया और कहा कि प्रस्तावित अमेंडमेंट दक्षिण के खिलाफ एक “बहुत बड़ा ऐतिहासिक अन्याय” है.

तमिलनाडु में घरों और सार्वजनिक जगहों पर काले झंडे फहराने का किया अह्वान

मुख्यमंत्री ने डिलिमिटेशन की चिंताओं पर “नतीजों” की चेतावनी दी और कहा कि वह ऐसा “एक आत्म-सम्मान वाले तमिल” और DMK के प्रमुख के तौर पर कर रहे हैं.
स्टालिन ने यह भी कहा कि “गंभीर खतरे” का मुकाबला करने के लिए, वह कई राज्यों के सांसदों से संपर्क कर रहे हैं. डिलिमिटेशन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का बिगुल बजाते हुए, स्टालिन ने कहा कि पूरे तमिलनाडु में घरों और सार्वजनिक जगहों पर काले झंडे फहराए जाएंगे.
उन्होंने X पर एक पोस्ट में कहा, “क्या भारत के विकास के लिए कोशिश करने के जुर्म के लिए तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों को सज़ा दी जा रही है? डिलिमिटेशन अमेंडमेंट बिल जिसे केंद्र की BJP सरकार कल संसद में पेश करने की योजना बना रही है, वह तमिलनाडु और दक्षिणी राज्यों के साथ किया गया एक बहुत बड़ा ऐतिहासिक अन्याय है.”

दक्षिण भारत में Delimitation Amendment को लेकर उठ रहे है विरोध के सुर

सरकार ने 16 से 18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र बुलाया है. इस सत्र में लोकसभा में 33% महिला कोटा, डिलिमिटेशन और लोकसभा सीटों की मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 करने के प्रस्ताव पर सरकार के प्रस्तावित बिलों से यह चिंता बढ़ गई है कि दक्षिणी राज्यों की लोकसभा में संख्या कम हो जाएगी.
तेलंगाना के कांग्रेस सीएम रेवंत रेड्डी ने भी डिलिमिटेशन को लेकर उत्तर-दक्षिण बंटवारे की चेतावनी दी देते हुए PM मोदी और दक्षिण के अन्य CM को पत्र लिखा है.

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