इन बीमारियों वाले लोग गर्मी में रहें सतर्क

अभी आधा अप्रैल भी नहीं बीता पर तापमान तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। धूप और गर्मी ने अभी से ही जून जैसी तपिश दिखानी शुरू कर दी है। कई हिस्सों में पारा सामान्य से कहीं ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है। तेजी से बढ़ती गर्मी न सिर्फ लोगों को असहज कर रही है बल्कि सेहत के लिए भी खतरा बढ़ाती जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अभी से धूप और गर्मी से जो हालात है वह पहले से ही किसी गंभीर बीमारी से जूझ लोगों के लिए साइलेंट ट्रिगर हो सकती है।हमारा शरीर एक निश्चित तापमान पर स्वस्थ रहता है और बेहतर तरीके से काम करता है, लेकिन जब तापमान में वृद्धि होने लगती है तो शरीर को खुद को ठंडा रखने के लिए सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस प्रक्रिया में दिल तेजी से धड़कता है, ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है और ज्यादा पसीना निकलता है।जिन लोगों को पहले से हृदय रोग, डायबिटीज, सांस की बीमारी, किडनी की दिक्कत या हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हैं, उनके लिए यही गर्मी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

इतिहास का चौथा सबसे गर्म मार्च 2026

यूरोप की कॉपरनिक्स क्लाइमेट चेंज सर्विस (सी3एस) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 वैश्विक तापमान के लिहाज से इतिहास का चौथा सबसे गर्म मार्च रहा। इस दौरान धरती का औसत सतही तापमान 13.94 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो 1991-2020 के औसत से 0.53 डिग्री अधिक है। औद्योगिक काल से पहले के स्तर की तुलना में यह बढ़ोतरी 1.48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुकी है। 

सी3एस की उपनिदेशक सामंथा बर्गेस ने हालिया विश्लेषण में कहा कि वैश्विक तापमान का लगातार उच्च स्तर पर बने रहना इस बात का संकेत है कि जलवायु प्रणाली में गहरे बदलाव हो चुके हैं। यह केवल एक असामान्य महीना नहीं, बल्कि एक दीर्घकालिक प्रवृत्ति का हिस्सा है, जो मानव गतिविधियों से प्रेरित है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, बढ़ती गर्मी पहले से ही क्रॉनिक बीमारियों के शिकार लोगों के लिए खतरनाक हो सकती है।

हृदय रोग के शिकार लोगों को खतरा

बढ़ते तापमान का हृदय स्वास्थ्य पर गंभीर असर होता है। पहले से ही हाई बीपी और दिल के मरीजों को सावधान हो जाना चाहिए।

  • गर्मी बढ़ने पर शरीर का तापमान नियंत्रित रखने के लिए दिल को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। 
  • शरीर पसीने के जरिए खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है, जिससे ब्लड वेसल्स फैलती हैं और ब्लड प्रेशर में बदलाव आने लगता है। 
  • जिन लोगों को पहले से हार्ट फेलियर, कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हाई बीपी की समस्या रही ही ये उनके लिए खतरनाक हो सकती है।

डायबिटीज वाले भी हो जाएं सावधान

बढ़ता तापमान डायबिटीज वाले मरीजों के लिए भी खतरनाक हो सकता है।

  • अधिक तापमान शरीर में इंसुलिन के काम करने के तरीके को प्रभावित करता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ या घट सकती है।
  • डायबिटीज वाले लोगों में अक्सर नसों और पसीना ग्रंथियों पर असर पड़ता है, जिससे शरीर की प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम कमजोर हो जाती है। 
  • अगर व्यक्ति इंसुलिन लेता है तो गर्मी दवा की प्रभावशीलता भी कम कर सकती है, ऐसे में शुगर बढ़े रहने का खतरा रहता है।

ऐसे रोगी भी हो जाएं अलर्ट

डायबिटीज, हृदय रोगों के अलावा अस्थमा और फेफड़ों की बीमारी वालों के लिए भी बढ़ती गर्मी समस्याएं बढ़ा सकती है।

  • तेज गर्मी शरीर में ऑक्सीजन की जरूरत बढ़ जाती है, जिससे सांस फूलने, सीने में जकड़न जैसी समस्याएं होने लगती हैं। 
  • जिन लोगों को पहले से किडनी की बीमारी है, उनमें गर्मी के दौरान स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है। डिहाइड्रेशन के कारण किडनी में ब्लड फ्लो कम हो जाता है।

Latest news

Related news