ईरान-अमेरिका के बीच ‘वॉटर वॉर’: ट्रंप ने नौसैनिक नाकाबंदी का समय तय किय,क्या पूरी तरह से बंद हो जायेगा हार्मुज जलडमरूमध्य?

Trump’s Threat To Iran :  पश्चिम एशिया में युद्ध की आहट अब समुद्र के रास्ते और तेज़ हो गई है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की ताज़ा घोषणा ने पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े आदेश के बाद अमेरिकी सेनाओं ने ईरानी बंदरगाहों की नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) शुरू करने का फैसला किया है. यह कार्रवाई सोमवार सुबह 10 बजे ईएसटी (भारतीय समयानुसार शाम 7.30 बजे) से प्रभावी मानी जा रही है. इस फैसले के बाद से न केवल खाड़ी देशों में तनाव चरम पर है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी इसके काले बादल मंडराने लगे हैं.

Trump’s Threat To Iran:’नज़र आए तो कर दिए जाओगे खत्म’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर ईरान को सीधे शब्दों में ललकारा है. ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान के कोई भी “हमलावर जहाज़” अमेरिकी नौसैनिक घेरेबंदी के करीब आने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा. ट्रंप का तेवर इस बार काफी आक्रामक नज़र आ रहा है. उन्होंने ईरानी नौसेना की मौजूदा स्थिति पर कटाक्ष करते हुए यहाँ तक कह दिया कि ईरान के 158 जहाज़ पहले ही समुद्र की तह में दफन हो चुके हैं और अब जो बचे हैं, वे अमेरिकी सुरक्षा के लिए कोई बड़ी चुनौती नहीं हैं. उन्होंने ईरानी तेज़ हमलावर जहाजों की तुलना ड्रग तस्करों से करते हुए कहा कि उनके खिलाफ भी वैसी ही कठोर कार्रवाई की जाएगी जैसी समुद्र में तस्करों के खिलाफ होती है.

होर्मुज़ स्ट्रेट और तेल का खेल

ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता विफल होने का सबसे बड़ा असर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज़ स्ट्रेट’ (Hormuz Strait) पर पड़ा है. हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह साफ किया है कि उनकी सेनाएं केवल ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करेंगी और गैर-ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले व्यापारिक जहाजों की आवाजाही में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी. इसके बावजूद, इस नाकेबंदी की खबर ने अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में हड़कंप मचा दिया है. इस्लामाबाद में हुई बातचीत बेनतीजा रहने के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई हैं. अगर यह तनाव और बढ़ता है, तो दुनिया भर में ईंधन की कीमतों में भारी उछाल आना तय है.

ईरान का पलटवार और गालिबाफ की ‘लास्ट वॉर्निंग’

अमेरिकी दबाव के बीच ईरान भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने इसे अमेरिका की ‘अंतिम चेतावनी’ करार देते हुए अपने रक्षा तंत्र को अलर्ट पर रहने को कहा है. ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी समुद्री संप्रभुता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है. ईरान की ओर से ‘हमले का गणित’ समझाते हुए यह संकेत दिए गए हैं कि यदि उसकी अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाई गई, तो वह पूरे क्षेत्र की समुद्री सप्लाई लाइन को ठप करने की ताकत रखता है. फिलहाल, पूरी दुनिया की नज़रें होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर टिकी हैं, जहाँ एक छोटी सी चिंगारी बड़े युद्ध का रूप ले सकती है.

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