China Burial Crisis : दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देशों में शुमार चीन में अब मरने के बाद दो गज जमीन मिलना भी दूभर हो गया है. शंघाई जैसे बड़े शहरों में कब्रिस्तानों की भारी कमी और आसमान छूती कीमतों ने लोगों को हैरान कर दिया है. हालात ये हैं कि अब लोग अपनों की अस्थियां रखने के लिए कब्रिस्तान के बजाय रिहायशी फ्लैट (Residential Flats) खरीद रहे हैं.
China Burial Crisis: क्यों घर से भी महंगी हुई कब्र?
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के आंकड़ों के अनुसार, यह समस्या शंघाई में सबसे गंभीर है.
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कीमतों का अंतर: 2023 में शंघाई के सोंगहे कब्रिस्तान में एक प्लॉट की कीमत 7.6 लाख युआन (लगभग 1 करोड़ रुपये) प्रति वर्ग मीटर तक पहुंच गई।
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तुलना: इसके उलट, शहर में एक औसत घर की कीमत करीब 55 हजार युआन प्रति वर्ग मीटर है। यानी मरने के बाद की जमीन, रहने वाले घर से कई गुना महंगी हो चुकी है.
फ्लैट खरीदना क्यों बना बेहतर विकल्प?
चीनी परिवारों के लिए कब्रिस्तान के बजाय फ्लैट खरीदना एक ‘स्मार्ट निवेश’ बन गया था, जिसके पीछे मुख्य कारण ये थे:
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लीज़ की अवधि: कब्रिस्तान का प्लॉट सिर्फ 20 साल के लिए मिलता है, जबकि रिहायशी प्रॉपर्टी की लीज़ 70 साल की होती है.
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सुविधा: परिवार जब चाहें अपने परिजनों की अस्थियों के दर्शन कर सकते हैं.
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रीसेल वैल्यू: जरूरत पड़ने पर प्रॉपर्टी को बेचा भी जा सकता है, जो कब्रिस्तान के साथ मुमकिन नहीं है.
अब सरकार ने लगाया बैन, छिड़ी नई बहस
बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए चीनी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. 30 मार्च से चीन की सरकार ने नए नियम लागू किये हैं जिसके तहत अब रिहायशी अपार्टमेंट्स में मानव अस्थियां रखना गैरकानूनी घोषित कर दिया गया है.हालांकि सरकार का कहना है कि ये कदम समाज में व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है क्योंकि एगर किसी को ये पता चले कि पास के फ्लैट में अस्थियां रखी है तो लोगों के लिए उस स्थान पर रहना मुश्किल हो जायेगा. लेकिन सरकार के इस फैासले से आम जनता में भारी रोष है. लोगों का कहना है कि जब तक दफनाने की लागत कम नहीं होती, तब तक ऐसे प्रतिबंधों से समस्या का हल नहीं निकलेगा.

