कमर्शियल सिलेंडर हुआ 218 रुपए महंगा, कांग्रेस बोली-‘महंगाई मैन मोदी’ का चाबुक फिर चला है, राज्यसभा में भड़के खड़गे

यूएस-इजराइल और ईरान में चल रहे युद्ध के बीच भारत में महंगाई की मार बढ़ती जा रही है. बुधवार को एक बार फिर कमर्शियल LPG Commercial LPG  की कीमतों में बढ़ोतरी की गई. यह नया बदलाव ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में रुकावटों की वजह से हुआ है.
एक महीने से भी कम समय में कमर्शियल LPG रेट में यह दूसरी बढ़ोतरी है, बुधवार को 19 किलोग्राम कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 195.50 बढ़ा दी गई जिससे होटल, रेस्टोरेंट और हॉस्टल जैसे बिज़नेस पर खर्च का दबाव बढ़ गया है.

Commercial LPG: ‘महंगाई मैन मोदी’ का चाबुक फिर चला है-कांग्रेस

वहीं कमर्शियल LPG गैस के दाम बढ़ाने पर कांग्रेस ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए अपने एक्स हैंडल पर लिखा, ‘महंगाई मैन मोदी’ का चाबुक फिर चला है. आज से कमर्शियल सिलेंडर 218 रुपए महंगा हो गया. पिछले 3 महीने में ही कमर्शियल सिलेंडर 525 रुपए महंगा हुआ है.
1 अप्रैल: ₹218
7 मार्च: ₹115
1 मार्च: ₹31
1 फरवरी: ₹50
1 जनवरी: ₹111….. अभी साल के 9 महीने बाकी हैं, वसूली जारी है…

राज्यसभा में गरजे खड़गे की, पेट्रोल, LPG संकट पर चर्चा की मांग

वहीं गैस की किल्लत और बढ़ते दामों पर चर्चा की मांग करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, मैंने एक लेटर भेजा है जिसमें थोड़ी देर की चर्चा की मांग की गई है, लेकिन सरकार के पास इसके लिए समय नहीं है. पूरी दुनिया पेट्रोल, LPG और बढ़ती कीमतों से प्रभावित है. वे इस पर चर्चा के लिए क्यों नहीं मान रहे हैं? कीमतें हर दिन बढ़ रही हैं, फिर भी सरकार इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करना चाहती.
हम जो भी सुझाव देते हैं, उसे खारिज कर दिया जाता है, और वे जो चाहते हैं उसे अपनी मेजॉरिटी का इस्तेमाल करके जबरदस्ती पेश और पास कर दिया जाता है. क्या यह डेमोक्रेसी है?
हमें विश्वास था कि नए स्पीकर के साथ विपक्ष को न्याय मिलेगा.
समय कोई मुद्दा नहीं है; जो भी मामला उठाया जाता है, उसे पूरा समय दिया जाना चाहिए.


इतना ही नहीं सरकार की ओर से ये कहे जाने पर कि सर्वदलीय बैठक में राहुल गांधी नहीं आए. खड़गे ने कहा, “जब उन्होंने मीटिंग की, तो उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के नेता मौजूद नहीं थे. मैं पूछता हूँ: आपके प्रधानमंत्री कहाँ थे?
मैंने अपना प्रतिनिधि भेजा था, और आप सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर वहाँ थे.
अगर आपके प्रधानमंत्री मीटिंग में मौजूद नहीं थे, तो क्या हमसे उम्मीद की जाती है कि हम आकर आपका लेक्चर सुनें?
आपके पास क्या अधिकार है? आपके पास पावर नहीं है, और मैं ऐसे बयानों की कड़ी निंदा करता हूँ.”

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