Mamata Banerjee कोलकाता : पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी बिसात बिछ चुकी है. पिछले 15 सालों से सत्ता के शीर्ष पर बैठी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर अपनी कुर्सी बचाने की जद्दोजहद में हैं. 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद यह दूसरी बार है जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) उन्हें कड़ी टक्कर देती नजर आ रही है लेकिन इस बार ममता बनर्जी का अंदाज कुछ अलग है. वे जनता के बीच जाकर सीधे तौर पर एक ही चेतावनी दे रही हैं— “बीजेपी आई, तो सब तहस-नहस हो जाएगा.”
Mamata Banerjee 🔥 🔥 🔥
Jotoi Karo Hamla…
Abar Jitbe Bangla…1,2,3,4…..BJP ra hobe Haar 🤣🤣 pic.twitter.com/54IGCc8JM6
— Priya Purohit (@Priyaa_Purohit) March 25, 2026
Mamata Banerjee का मुस्लिम वोट बैंक: TMC का सबसे मजबूत किला
ममता बनर्जी ने बीजेपी के खिलाफ अपने अभियान की धार मुस्लिम समुदाय के साथ संवाद से तेज की है. आंकड़ों के लिहाज से देखें तो बंगाल की कुल आबादी में करीब 27-30% मुस्लिम समुदाय है, जो 100 से 120 सीटों पर हार-जीत का फैसला करती है. यही कारण है कि ममता बैनर्जी के फोकस मुस्लिम समुदाय पर खास रहता है. ये बात उनके रैलियो और भाषणों में साफ दिखाई देता है. एक चुनावी रैली के दौरान ममता ने भावुक अपील करते हुए कहा:
“हम हैं इसलिए आप सुरक्षित हैं. अगर हम किसी दिन न रहे, तो एक सेकंड लगेगा जब एक समुदाय इकट्ठा होकर आएगा और आपको घेर लेगा… फिर एक सेकंड में 12 बजा देगा (खत्म कर देगा)”
यह बयान साफ संकेत देता है कि टीएमसी अपने सबसे मजबूत आधार को किसी भी सूरत में बिखरने नहीं देना चाहती. 2024 के लोकसभा चुनाव में भी टीएमसी को करीब 73-83% मुस्लिम वोट मिले थे, जो 2019 के मुकाबले 13% अधिक थे.
केजरीवाल के नक्शेकदम पर ममता?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि ममता बनर्जी का यह दांव काफी हद तक दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जैसा है. दिल्ली चुनाव के दौरान केजरीवाल ने भी जनता को बीजेपी के नाम से डराया था कि यदि बीजेपी सत्ता में आई, तो फ्री बिजली-पानी जैसी योजनाएं बंद हो जाएंगी. बंगाल में ममता भी इसी ‘डर की राजनीति’ का सहारा लेकर बीजेपी को रोकने की कोशिश कर रही हैं.
अमित शाह का पलटवार : “बंद नहीं होगी कोई योजना”
ममता बनर्जी के दावों पर गृह मंत्री अमित शाह ने सीधा प्रहार किया है. ममता अक्सर कहती रही हैं कि बीजेपी आई तो महिलाओं की पसंदीदा ‘लक्ष्मीर भंडार योजना’ बंद हो जाएगी. हावड़ा की रैली में अमित शाह ने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा:
“दीदी कहती हैं कि बीजेपी योजना बंद कर देगी, लेकिन मैं भरोसा दिलाता हूँ कि हम कोई योजना बंद नहीं करेंगे, बल्कि लक्ष्मीर भंडार में 100 रुपये और जोड़ेंगे।”
नैरेटिव की लड़ाई: मंगलसूत्र से लेकर संविधान तक
यह पहली बार नहीं है जब चुनावों में इस तरह के तीखे हमले हो रहे हैं. 2024 के लोकसभा चुनाव में जहां विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन ने ‘संविधान बचाओ’ का नारा दिया, वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मंगलसूत्र’ वाला बयान देकर विपक्ष पर निशाना साधा था. हालांकि, चुनावी नतीजों ने बताया कि जनता ने डराने वाले नैरेटिव के बजाय विकास और भरोसे को तरजीह दी. अब सवाल यह है कि क्या बंगाल की जनता ममता बनर्जी की चेतावनी पर यकीन करेगी या अमित शाह के भरोसे पर मुहर लगाएगी?

