Kanpur PC Controversy : उत्तर प्रदेश के कानपुर में बुधवार को सरकार के 9 साल पूरे होने के अवसर पर “9 साल बेमिसाल” थीम के तहत सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में एक सरकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में सरकार की उपलब्धियों को प्रस्तुत करने के लिए मंत्री योगेंद्र उपाध्याय मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद थे.
उत्तर प्रदेश सरकार के 9 साल पूरे होने पर कानपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस थी। वक्ता था मंत्री योगेंद्र उपाध्याय। BJP उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित को आगे की कुर्सी से उठा दिया गया। पीछे बैठे अध्यक्ष जी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही नाराज़ होकर निकल गए। अधिकारी हाथ पैर जोड़ते रह गए।… pic.twitter.com/SrDQ808Mu7
— Praveen Mohta (@MohtaPraveenn) March 25, 2026
Kanpur PC Controversy :आगे की कुर्सी बनी विवाद की जड़
कार्यक्रम के दौरान उस समय माहौल अचानक गरमा गया जब BJP उत्तर जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित को आगे की सीट से हटाए जाने की बात सामने आई. बताया जा रहा है कि पदाधिकारियों द्वारा उन्हें सामने की कुर्सी से उठाकर पीछे बैठने को कहा गया. इस घटना से नाराज होकर अनिल दीक्षित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही कार्यक्रम छोड़कर बाहर निकल गए.
समर्थकों का हंगामा, प्रशासन की मशक्कत
जिलाध्यक्ष के मंच से उतरते ही उनके समर्थक भड़क उठे और कुर्सी को लेकर जमकर हंगामा शुरू हो गयाच स्थिति इतनी बिगड़ गई कि मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों—खासकर SDM सदर—को हाथ जोड़कर मामला शांत कराने की कोशिश करनी पड़ी.
कुछ देर की मान-मनौव्वल के बाद कार्यक्रम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन इस घटना ने पार्टी के अंदरूनी मतभेदों और गुटबाजी को उजागर कर दिया.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर तेजी से वायरल हो रहा है. वीडियो में मंत्री योगेंद्र उपाध्याय भाषण देते नजर आ रहे हैं, जबकि पीछे हंगामे का माहौल साफ देखा जा सकता है.
क्या कहते हैं संकेत?
यह घटना न सिर्फ एक आयोजन में अव्यवस्था को दिखाती है, बल्कि BJP के स्थानीय संगठन में चल रही अंदरूनी खींचतान की ओर भी इशारा करती है. आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर देखने के लिए भी मिल सकता है.

