राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि अमेरिका और ईरान Iran के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए पिछले दो दिनों में “काम की” बातचीत हुई है, लेकिन ईरानी विदेश मंत्रालय ने ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया.
ईरान के सरकारी मीडिया ने भी कहा कि देश ने ऐसी कोई बातचीत नहीं की है, जबकि काबुल में देश की एम्बेसी ने “ईरान की पक्की चेतावनी के बाद ट्रंप का पीछे हटना” टाइटल से एक तीखी प्रतिक्रिया पोस्ट की.
ट्रंप पीछे हट गए-Iran
सोमवार को ईरान के अफ़गानिस्तान डिप्लोमैटिक मिशन के X हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा था, “इस्लामिक रिपब्लिक की इस धमकी के बाद कि अगर ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर कोई US हमला होता है, तो वह पूरे इलाके के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करेगा, ट्रंप पीछे हट गए और कहा कि उन्होंने हमले को टालने का ऑर्डर जारी कर दिया है.”
इस पोस्ट में ट्रंप के उस नाटकीय बयान को मना नहीं किया गया कि दो दिनों से बातचीत हो रही है. लेकिन ईरान की फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी ने एक अनजान सोर्स का हवाला देते हुए कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स के साथ “कोई डायरेक्ट या इनडायरेक्ट कम्युनिकेशन नहीं है.”
عقبنشینی ترامپ پس از هشدار قاطع ایران
پس از آنکه جمهوری اسلامی تهدید کرد که در صورت هرگونه حمله آمریکا به زیرساختهای انرژی ایران، زیرساختهای انرژی کل منطقه را هدف قرار میدهد، ترامپ عقب نشست و گفت که دستور تعویق حمله را صادر کرده است. pic.twitter.com/3Jcl3k5YDN
— Embassy of the I.R. Iran in Kabul, Afghanistan (@IRANinKabul) March 23, 2026
फ़ार्स ने यह भी कहा कि ईरान की चेतावनी के बाद कि वह जवाब में पश्चिम एशिया में बिजली संयंत्रों को निशाना बनाएगा, ट्रंप ईरानी बिजली संयंत्रों को निशाना बनाने से “पीछे हट गए”.
“ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद US प्रेसिडेंट पीछे हट गए.”-ईरान का सरकारी टेलीविज़न
ईरान के सरकारी टेलीविज़न ने भी ट्रंप के होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की धमकी भरी डेडलाइन को पांच दिन बढ़ाने के फ़ैसले पर तेहरान का रिएक्शन दिया. स्क्रीन पर एक ग्राफ़िक दिखाया गया: “ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद US प्रेसिडेंट पीछे हट गए.”
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पर क्या कहा
US प्रेसिडेंट ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा कि बातचीत के “टियर” और “टोन” के आधार पर, उन्होंने अपने डिपार्टमेंट ऑफ़ वॉर को ईरान के पावर प्लांट्स और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी हमले को पांच दिनों के लिए “पोस्टपोन” करने का निर्देश दिया.
उन्होंने ज़्यादा डिटेल दिए बिना, जिन चर्चाओं के बारे में उन्होंने दावा किया कि वे “बहुत अच्छी और प्रोडक्टिव” थीं, उन्हें बताया. उन्होंने यह भी दावा किया कि दोनों पक्षों ने “मिडिल ईस्ट में हमारी दुश्मनी के पूरी तरह से समाधान” के बारे में बात की.
ट्रंप ने शुक्रवार को तंज कसते हुए कही थी बातचीत की बात
ट्रंप ने शुक्रवार को तेहरान के साथ बातचीत करने की इच्छा जताई थी, लेकिन इसमें तंज भी जोड़ा था.
उन्होंने पिछले हफ़्ते कहा, “वहां अब कोई लीडर नहीं बनना चाहता। हमारे लिए मुश्किल समय चल रहा है. हम उनसे बात करना चाहते हैं, और बात करने के लिए कोई नहीं है… और आप जानते हैं क्या? हमें यह पसंद है.”

