Thursday, February 26, 2026

86 साल के रिटायर्ड अधिकारी के घऱ फर्जी ईडी रेड, हाईटेक सर्विलांस सिस्टम ने खोली पोल, नौकरानी निकली मास्टरमाइंड

Delhi Fake ED Raid : दिल्ली में एक घरेलू नौकरानी ने अपने मालिक के घऱ पर ईडी  (ED) की फर्जी रेड करा दी. कुछ लोग पूरी तैयारी के साथ ईडी के अफसर बनकर घऱ में घुसे और घर से बेशकीमती सामान लेकर चंपत हो गए.

86 साल के बुजुर्ग के घर नौकरानी ने कराई फर्जी रेड
86 साल के बुजुर्ग के घर नौकरानी ने कराई फर्जी रेड

बुजुर्ग को डराया धमकाया और कीमती सामान लेकर चंपत

ये मामला दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी का है . घटना एक 86 साल के रिटायर्ड आर्किटेक्ट के घऱ की है , जहां ईडी के अफसर बनकर आये कुछ लोगों ने रिटायर्ड बुजुर्ग के घर की  तलाशी ली और कई कीमती सामान अपने साथ लेकर फरार हो गये.

नौकरानी की गिरफ्तारी के बाद खुला मामला

गिरफ्तार नौकरानी से पूछताछ में ये खुलासा हुआ कि ये सारी प्लानिंग उसी की थी. उसने पूरी प्लानिंग करके इस योजना में अपने करीबियों के शामिल किया. नौकरानी के घर से पुलिस की यूनिफॉर्म,  घर से लूटे गये महंगा सामान और कई हथियार मिले हैं.

फिल्म देखकर बनाया प्लान

नौकरानी ने अपने साथियो को घर के बारे में पूरी जानकारी दी. फिल्म स्पेशल 26 की तर्ज पर नकली पुलिस वर्दी और हथियारो के साथ एक टीम तैयार की. फिर उन्हें ये बताया कि कौन कब घर पर रहता है और घर पर कहां कौन सी चीजें रखी जाती हैं.

ईडी के अफसर बनकर पहुंची फर्जी टीम

सभी नेसमय तय  किया और तय समय पर पूरी प्लानिंग के साथ घर मे घुसे.यहां तक कि घर पर मौजूद लोग ये भांप भी नहीं पाये कि रेड करने वाले लोग नकली अफसर हैं.

पुलिस के मुताबिक 11 फरवरी को तीन लोग नकली पुलिस की वर्दी में ईडी अफसर बनकर 86 साल के सेवानिवृत्त आर्किटेक्ट आरसी सभरवाल के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी के घर में जबरन घुसे. परिवार को धमकाया और जांच के नाम पर सभी के  मोबाइल फोन छीन लिए. थोड़ी देर के बाद जब पीड़ित जुबुर्ग के पोते ने उन लोगों से सवाल जवाब करने शुरु कर दिये तब ये लोग जल्दी जल्दी में 3-4 लाख रुपये और 7 महंगी घड़ियां लेकर वहां से फरार हो गए.

संदेह के आधार पर पुलिस के पास पहुंचा परिवार

पुलिस को जब ये समझ आ गया कि यहां कोई इंकम टेक्स की रेड नहीं हुई है तब पुलिस ने संदिग्ध की खोज शुरु की.करीब 350 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गये. रेड मारने वाली टीम एक कार से भागी थी. पुलिस ने उस कार को ट्रैक किया.डी-ब्लॉक रेसिडेंसियल कॉलोनी के निजी कैमरे, दिल्ली पुलिस के सर्विलांस कैमरे और सभी हाईस्पीड ट्रैफिक कैमरों की फुटेज को खंगाला गया. फुटेज ने एक बाद दूसरे वीडियो के तार जोड़े. सीसीटीवी में देखा गया कि कार सराय काले खान से गुजरते हुए गाजीपुर बॉर्डर के रास्ते यूपी मे घुसी .ये कार पुलिस को गाजियाबाद के वैशाली सेक्टर 4  ले गई और वहां पुलिस को वारदात में इस्तेमाल की गई कार पार्क की हुई मिली.

फोन लोकेशन ट्रैकिंग से मिला राजदार का नाम

फर्जी रेड मारने के लिए अपराधियों ने कार का इस्तेमाल किया.सीसीटीवी वीडियो से कार का रजिस्ट्रेशन नंबर मिला. पुलिस की टेक्निकल सर्विलांस का इस्तेमाल करके पता लगाया कि वारदात के समय अपराध के स्थान पर और वैशाली पार्किंग स्थान से संबंधित कौन से मोबाइल नंबर सक्रिय थे. इस डेटा को खंगलने से पूजा राजपूत के घर का पता चला. शिकायतकर्ता मकान मालिक ने बताया कि उनकी नौकरानी रेखा अक्सर गाजियाबाद के उसी पते पर आती-जाती थी, जहां से कार बरामद हुई थी. फिर पुलिस को तार जोड़ते देर नहीं लगी और मामले का पूरा खुलासा हो गया कि घर की नौकरानी ही इस पूरे रेडकांड की मास्टरमाइंड थी.

ईडी  रेड के बहाने की गई लूट का सारा सामान नौकरानी के घर से बरामद कर लिया गया है , नैकरानीसमेत दो तीन लोग गिरफ्तार कर लिये गये हैं और एक की तलाश अभी जारी है. खास बात ये भी है कि इन तीन आरोपियों में से एक रिटायर्ड सैन्यकर्मी है वहीं दूसरा टीबीपी कास्टेबल रह चुका है.

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