AI Summit 2026: शुक्रवार दोपहर AI इम्पैक्ट समिट 2026 की जगह पर तब अफरा-तफरी मच गई, जब कुछ युवकों ने एक ग्रुप ने भारत मंडपम के हाल नंबर 5 के पास मार्च किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इंडिया-US ट्रेड डील के खिलाफ नारे लगाए. खुद को इंडियन यूथ कांग्रेस का बताने वाले इन प्रदर्शनकारियों ने ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज़्ड’, ‘इंडिया-US ट्रेड डील’ और ‘एपस्टीन फाइल्स’ जैसे नारों वाली टी-शर्ट हाथ में ली हुई थी. पुलिस ने इन युवकों को हिरासत में ले लिया है और इसे पूछताछ की जा रही है.
हलांकि इस बीच बीजेपी की ओर से कांग्रेस पर जबरदस्त हमला बोला गया है और कांग्रेस को राष्ट्रीय शर्म तक बताया जा रहा है. लेकिन अब कांग्रेस की ओर से भी पहली प्रतिक्रिया आ गई है. कांग्रेस की ओर से यूथ कांग्रेस ने प्रदर्शन का ये कहकर बचाव किया है कि जिस देश का मीडिया, सिस्टम और खुद प्रधानमंत्री ही compromised हो चुके हों, उसके खिलाफ आवाज़ उठाने का मंच आखिर बचता ही कौन-सा है?
युवा कांग्रेस देश के हक की लड़ाई लड़ती रहेगी-उदय भानु
यूथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष उदय भानु चिब ने प्रदर्शनकारियों का बचाव करते हुए कहा, “आज AI Summit के दौरान युवा कांग्रेस के साथियों ने “PM is Compromised” के नारे लगाकर साफ संदेश दिया कि देश का युवा अब चुप नहीं बैठेगा. “PM is Compromised” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि करोड़ों बेरोजगार युवाओं के आक्रोश की आवाज है. पीएम मोदी की अमेरिका के साथ ट्रेड डील किसानों और आम जनता के हितों के खिलाफ दिखाई देती है, जिससे फायदा ज़्यादा अमेरिका को मिल रहा है. युवा कांग्रेस देश के हक की लड़ाई लड़ती रहेगी और हर मंच पर सच बोलती रहेगी.”
आज AI Summit के दौरान युवा कांग्रेस के साथियों ने “PM is Compromised” के नारे लगाकर साफ संदेश दिया कि देश का युवा अब चुप नहीं बैठेगा।
“PM is Compromised” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि करोड़ों बेरोजगार युवाओं के आक्रोश की आवाज है। पीएम मोदी की अमेरिका के साथ ट्रेड डील किसानों और आम… pic.twitter.com/yHL2S28KT6
— Indian Youth Congress (@IYC) February 20, 2026
आवाज़ उठाने का मंच आखिर बचता ही कौन-सा है?- यूथ कांग्रेस
वहीं यूथ कांग्रेस के एक एक्स हैंडल से भी एक पोस्ट किया गया और कहा गया कि, “सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर क्यों युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को AI Summit के अंदर Compromised PM के खिलाफ आवाज़ उठाने की जरूरत पड़ी? जिस देश का मीडिया, सिस्टम और खुद प्रधानमंत्री ही compromised हो चुके हों, उसके खिलाफ आवाज़ उठाने का मंच आखिर बचता ही कौन-सा है?
सड़कों पर प्रदर्शन करें तो रोक दिया जाता है. IT Rules की आड़ में सरकार के खिलाफ सोशल मीडिया पोस्ट हटवाई जाती हैं. मीडिया सरकार का भोंपू बन चुका है। तो फिर हमारे पास क्या जरिया बचता है?
हम AI Summit के खिलाफ नहीं हैं. हम भारत के हितों के साथ हो रहे समझौते के खिलाफ हैं. जब देश के किसानों का सौदा किया जा रहा हो, भारत विरोधी व्यापार समझौते साइन हो रहे हों, युवाओं को बेरोज़गार रखकर नफरत की राजनीति में झोंका जा रहा हो, तो क्या हम खामोश रहें?
नहीं. शायद यह संभव नहीं. यह देश 140 करोड़ नागरिकों का है. अगर प्रधानमंत्री compromised हों, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं कि जनता खामोश हो जाए. हम महात्मा गांधी के दिखाए रास्ता पर अगर चलना जानते हैं, तो सरदार भगत सिंह के दिखाए रास्ते पर भी चलना जानते है. देश के युवाओं, किसानों के हितों का सौदा कतई नही होने देंगे. इंकलाब जिंदाबाद.”
सवाल पूछा जा रहा है कि आखिर क्यों युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को AI Summit के अंदर Compromised PM के खिलाफ आवाज़ उठाने की जरूरत पड़ी?
जिस देश का मीडिया, सिस्टम और खुद प्रधानमंत्री ही compromised हो चुके हों, उसके खिलाफ आवाज़ उठाने का मंच आखिर बचता ही कौन-सा है?
सड़कों पर… pic.twitter.com/lBMDw3ux7H
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AI Summit 2026: यूथ कांग्रेस के विरोध पर पुलिस ने क्या कहा
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कानूनी कार्रवाई की है. एडिशनल पुलिस कमिश्नर देवेश महला ने ANI को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने समिट के लिए ऑनलाइन रजिस्टर किया था, उन्होंने आगे कहा कि प्रदर्शनकारियों ने आपत्तिजनक टी-शर्ट के ऊपर स्वेटर और जैकेट पहने हुए थे. हॉल नंबर 5 के पास, उनमें से एक ने अपने बाहरी कपड़े उतार दिए और विरोध में टी-शर्ट लहराई. अधिकारी ने कहा कि उचित कानूनी कार्रवाई की जा रही है और हिरासत में लिए गए लोगों की पहचान की जा रही है.

