बंग्लादेश की नई सरकार का भारत के लिए कैसा रहेगा रुख, क्या संबंधो में आयेगी गर्माहट ? बीएनपी नेता ने दिया जवाब

India’s relations with Bangladesh : बंग्लादेश में प्रचंड बहुमत से जीत कर आये तारिक रहमान (Tariq Rehman)  देश के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं. बंग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी ) के नेता को मिली इस प्रचंड बहुमत पर भारत की तरफ से प्रधानमंत्री मोदी और विपक्षी नेता राहुल गांधी ने भी आगे बढ़कर बधाई दी है और आने वाले समय में दोनों देशों के रिश्तों में गर्माहट आने की उम्मीद भी जाहिर की है.

India’s relations with Bangladesh : दोनो देशों के बीच सुधरेंगे हालात ?

ऐसे में लगातार ये सवाल उठ रहे हैं कि क्या बंग्लादेश के साथ पिछले डेढ़ साल में भारत के संबंध जिस तरह से खराब हुए हैं, खासकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के भारत में शरण लेने के बाद हालात में जो बदलाव हुए हैं, क्या वो ठीक होंगे ?

बंग्लादेश सकारात्मकता के साथ संबंध सुधारने के लिए तैयार

इन्हीं सवालों से साथ भारत की मीडिया ने बीएनपी के संयुक्त महासचिव हुमायूं कबीर से बात की जिसमें उन्होने कहा कि बांग्लादेश की लगभग दो-तिहाई जनता ने अपना वोट देकर तारीक रहमान को नेतृत्व संभालने का जनादेश दिया है और ये एकदम स्पष्ट जनादेश है.आज की परिस्थिति में भारत को ये समझना होगा कि बांग्लादेश में अब शेख हसीना सत्ता में नहीं हैं, इसलिए भारत को बंग्लादेश के साथ अपने संबंधों को एक बार फिर से ‘रीसेट’ करना होगा. दोनो देशों को अपने संबंधों में सुधार के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ा होगा. बंग्लादेश सकारात्मक सोच के साथ संबंध सुधारने के लिए तैयार है.

शेख हसीना को लेकर क्या होगा नई सरकार का रुख ?

भारत में बंग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना की मौजदूगी को लेकर हुमांयू कबीर ने कहा कि हम ये नहीं चाहते कि भारत की जमीन से बंगालदेश के खिलाफ कोई ऐसी गतिविधि हो जो हमारे देश को अस्थिर करे. अगर शेख हसीना भारत में बंग्लादेश में अस्थिरता फालाने जैसी किसी गतिविधि में शामिल होती है तो ये चिंता का विषय होगा. इस लिए भारत को ऐसी किसी भी प्रकार की स्थितियो को समर्थन देने से बचना चाहिए. दूसरे शब्दों में हुमायू कबीर ने कहा कि बंग्लादेश की नई सरकार नहीं चाहती है कि भारत अपने देश में उनके देश के एक ‘अपराधी’ को शरण दें.

क्या बंग्लादेश करेगा शेख हसीना की वापसी की मांग

बीएनपी महासचिव हुमायू कबीर ने कहा है कि बंग्लादेश कानूनी तरीके से शेख हसीना के देश वापसी की मांग करेगा. सरकार इसके लिए न्यायपालिका का आदेश लेगी और भारत के साथ मौजूद प्रत्यर्पण संधि के मुताबिक न्यायलय के आदेश से काम होगा.अंतिम फैसला न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर लिया जायेगा.

हुमायू कबीर ने इंडियन मीडिया से बात करते हुए कहा कि जिस तरह से भारत के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने आगे बढ़कर नई सरकार के लिए बधाई दी है और विदेश मंत्री एस जयशंकर यात्रा पर गये हैं, उसे सकारात्मक रुप से देखा जा रहा है.इस समय बंग्लादेश को भी स्थिरता और सहयोग की जरूरत है. भारत और बंग्लादेश पड़ोसी हैं और दोनो देशो के बीच सहयोग ही सामान्य स्थिति होनी चाहिए. चुनौतियां तो रहैंगी लेकिन व्यावहारिक तरीके से अगर उन्हें सुलझाया जाए तो दोनों देश आगे बढ़ सकते हैं.

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