भोपाल। भोपाल में वैलेंटाइन डे को लेकर हिंदूवादी संगठनों के विरोध के स्वर तेज हो गए हैं. अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और बजरंग दल आज पूरे दिन मैदान में रहेंगे. संस्कृति बचाओ मंच ने शहरभर में 15 निगरानी दस्ते गठित किए हैं. ये टीमें होटल, मॉल और पार्कों पर नजर रखेंगी. बजरंग दल की करीब एक दर्जन टीमें शहर के प्रमुख पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़-भाड़ वाले इलाकों में तैनात रहेंगी. किसी भी आपत्तिजनक गतिविधि पर सार्वजनिक विरोध दर्ज कराया जाएगा।
हिंदू सगंठनों ने अपनाया कड़ा रुख
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल ने वैलेंटाइन डे के विरोध में इस बार भी कड़ा रुख अपनाया है. संगठन ने पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव का विरोध जताते हुए ‘दंड पूजन’ किया और युवाओं को आगाह किया कि प्रेम के नाम पर सार्वजनिक स्थानों पर अशोभनीय व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रांत मंत्री राकेश प्रजापति ने कहा कि भारतीय संस्कृति में प्रेम मर्यादा और सम्मान के साथ व्यक्त किया जाता है, लेकिन पश्चिमी प्रभाव के कारण युवाओं में अनुचित व्यवहार बढ़ रहा है, जिसे भोपाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का विरोध केवल अश्लीलता और अनुचित हरकतों के खिलाफ है, न कि सच्चे प्रेम या पारिवारिक मूल्यों के।
शहर के प्रमुख पार्कों में तैनात रहेंगे बजरंग दल कार्यकर्ता
संगठन ने घोषणा की है कि 14 फरवरी को शहर के प्रमुख पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में राष्ट्रीय बजरंग दल की करीब एक दर्जन टीमें तैनात रहेंगी. यदि कोई जोड़ा सार्वजनिक रूप से अशोभनीय हरकत करते पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. दंड पूजन के दौरान जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र कुंभकार, जिला उपाध्यक्ष दीपक मिश्रा, विकास पटेल, राज ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और सभी ने पाश्चात्य संस्कृति के विरोध में अभियान जारी रखने का संकल्प लिया. संगठन का कहना है कि वैलेंटाइन डे भारतीय परंपराओं से मेल नहीं खाता, इसलिए इसे मातृ-पितृ पूजन दिवस जैसे सांस्कृतिक रूप में मनाया जाना चाहिए. साथ ही पुलिस प्रशासन से भी अपील की गई है कि सार्वजनिक स्थानों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।

