Tuesday, March 3, 2026

पूर्व आर्मी चीफ जेनरल नरवणे ने अपनी किताब को लेकर दी पहली प्रतिक्रिया, बताया ये हैं किताब का स्टेटस

General Naravane’s book : राहुल गांधी के बयान से  संसद में मचे बवाल के बीच पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे (Gen M.M. Narvane) ने अपनी चर्चित किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’  के ताजा स्टेटस को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. सोशल मीडिया एक्स पर उन्होने एक पोस्ट लिखा है ,जिसमें बताया है कि-  ये है उनके किताब की ताजा स्थिति …अपने पोस्ट में उन्होने किताब के पब्लिसर पेंगुइन रेंडम हाउस के स्टेटमेंट को टैंग किया है.

इस पोस्ट के माध्यम से पूर्व सेना प्रमुख ने बताया है कि फिलहाल उनकी पुस्तक अभी प्रकाशित नहीं हुई है. अप्रत्यक्ष रूप से पूर्व सेना प्रमुख ने मान लिया है कि उनका ये संस्मरण अभी किसी भी प्लेटफॉर्म पर पब्लिश नहीं हुआ है.

General Naravane’s book को लेकर पेंगुइन रेंडम हाउस ने क्या लिखा है ?

पूर्व सेना प्रमुख की किताब को छापने वाली पब्लिशिंग कंपनी पेंगुइन रेंडम हाउस इंडिया ने सोशल मीडिया पर एक प्रतिक्रिया लिखी है जिसमें लिखा गया है कि “हमारे पास इस किताब के प्रकाशन का पूरा अधिकार है लेकिन हम ये स्पष्ट कर देना चाहते हैं कि ये किताब अभी छपी नहीं है, किताब की कोई भी कॉपी या तो डिजिटल फॉर्मेट में या प्रिंट फॉर्मेट में प्रकाशित नहीं हुई है, न ही इसे डिस्ट्रीब्यूट किया गया है और न ही बेचा गया है.”

पब्लिसर पेंगुइन रेंडम हाउस के  सफाईनामें को टैग करके पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने ये मान लिया है कि उनकी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’  इस समय पब्लिक डोमेन में नहीं हैं.

‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’  पुस्तक को लेकर क्या है विवाद ?

दरअसल ये पुस्तक उस समय विवाद की वजह बन गई जब संसद की कार्रवाई के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस किताब को अपने भाषण के दौरान उद्धृत (Quote) किया. इस पुस्तक के आधार पर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर  2020 में डोकलाम में हुए चीनी हमले के दौरान सरकार की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल उठाया था. नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस किताब को संसद भवन के सामने लहराया था.

राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर लगाया थे कौन से गंभीर आरोप ?

इस पुस्तक के आधार पर राहुल गांधी केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाये थे.राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान अपने भाषण में पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे की लिखी इस किताब से कुछ बातें कोट करने की कोशिश की थी, जिसका सत्ता पक्ष ने कड़ा विरोध किया. अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने कहा था कि जब 2020 में 31 अगस्त को चीनी सेना के टैंक भारतीय क्षेत्र में गुस रहे थे तब सेना प्रमुख ने केंद्र सरकार से पूछा था कि उन्हें क्या करना है, लेकिन इसका जवाब दो घंटे तक नहीं आया. दो घंटे के बाद ये कहा गया कि – ‘जो उचित लगे वो कीजिये.’

राहुल गांधी ने संसद में कहा कि हमले के समय मोदी सरकार से तत्कालीन सेना प्रमुख को कोई ठोस जवाब नहीं मिला. नेत विपक्ष के इस आरपो पर सत्ता पक्ष भड़क गया और उन्होने पूछा कि आरोप का श्रोत क्या है ?

सत्ता पक्ष के आरोप के जवाब में राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख की इस किताब का जिक्र किया और कहा कि उन्होने अपने संस्मरण में ये बातें लिखी है.इस पर सत्ता पक्ष ने कहा कि अभी ये पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है तो ये राहुल गांधी को कहां से मिली. जबकि राहुल गांधी ने पत्रकारों को बताया कि जेनरल नरवणे ने इस पुस्तक का लिंक सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया था.

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बताया किताब का स्टेटस

‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’  इस किताब को लेकर पुस्तक के प्रकाशन का अधिकार रखने वाली  प्रकाशन एजेंसी पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बताया है कि पूर्व सेना प्रमुख की ये किताब किसी भी फार्म में, किसी भी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है.अगर किसी जगह पर ये किताब पाई जाती है तो ये मौजूदगी कॉपीराइट कानून का उल्लंघन है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिये. ऐसा ना होने की स्थिति में  पब्लिशर ने कानूनी रास्तों का सहारा लेने की बात कही है .

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा है कि किताब की कोई भी कॉपी जो अभी सर्कुलेशन में है, चाहे पूरी हो या आधी, प्रिंट, डिजिटल, पीडीएफ, या किसी भी दूसरे फॉर्मेट में, ऑनलाइन या ऑफलाइन ये PRHI के कॉपीराइट का उल्लंघन है और इसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए.

 रक्षा मंत्रालय से है क्लियरेंस का इंतजार- जनरल एमएम नरवणे , पूर्व सेना प्रमुख

इस बीच सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांक भूषण ने सोशल मीडिया पर पूर्व सेना प्रमुख जेनरल नरवने का एक टीवी इंटरव्यू साझा किया है जिसमें वो कह रहे हैं कि उनकी किताब छप चुकी है, अब उन्हें केवल रक्षा मंत्रालय से क्लियरेंस का इंतजार है. अपने इंटरव्यू में उन्होने कहा कि उन्होने अपनी सच्चाई लिख दी है , अपना काम कर दिया है. अब ये मामला रक्षा मंत्रालय के पास है. वहां से क्लियरेंस नहीं मिला है.

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