भारत के 3600 टैंक होंगे ‘महाबली’! रूस का बड़ा ऑफर, T-90 भीष्म को मिलेगा विध्वंसक अवतार

Indian Tanks Upgradation : भारत की सैन्य ताकत को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए रूस ने बड़ा प्रस्ताव दिया है. रूस के शीर्ष टैंक डिजाइनर अलेक्जेंडर पोतापोव ने भारत के 3,600 से ज्यादा रूसी मूल के टैंकों को आधुनिक तकनीक से लैस करने का ऑफर दिया है. इसमें भारतीय सेना के सबसे अहम T-72 अजेय और T-90 भीष्म टैंक शामिल हैं. चीन द्वारा नेक्स्ट जेनरेशन टैंक तैयार किए जाने के बाद भारत भी अपने टैंक बेड़े को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है. ऐसे में रूस का यह प्रस्ताव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

Indian Tanks Upgradation:भारत सबसे बड़े टैंक ऑपरेटर देशों में शामिल

भारत के पास इस समय 2,400 से ज्यादा T-72 अजेय और करीब 1,200 T-90 भीष्म टैंक मौजूद हैं। यही वजह है कि भारत दुनिया के सबसे बड़े टैंक ऑपरेटर देशों में गिना जाता है.

इनमें से बड़ी संख्या में टैंकों का निर्माण भारत में ही लाइसेंस उत्पादन के तहत किया गया है. लंबे समय से भारतीय सेना की ताकत रहे ये टैंक अब आधुनिक युद्ध की जरूरतों के हिसाब से अपग्रेड किए जाने की तैयारी में हैं.

रूस के सबसे बड़े टैंक निर्माता ने दिया प्रस्ताव

अलेक्जेंडर पोतापोव रूस की मशहूर कंपनी यूरालवागोनजावोद के जनरल डायरेक्टर हैं. यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी टैंक निर्माता कंपनियों में शामिल है.

स्पुतनिक इंडिया को दिए इंटरव्यू में पोतापोव ने कहा कि रूस पहले से भारतीय रक्षा मंत्रालय के साथ सैन्य उपकरणों के आधुनिकीकरण पर बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा कि युद्ध तकनीक लगातार बदल रही है और इसी वजह से टैंकों का मॉर्डनाइजेशन बेहद जरूरी हो गया है.

ड्रोन और मिसाइल हमलों से बचाने की तैयारी

रूस ने भारत को जो पहला बड़ा ऑफर दिया है, उसमें T-72 अजेय और T-90 भीष्म टैंकों को आधुनिक युद्ध के अनुरूप तैयार करना शामिल है.

यूक्रेन युद्ध के बाद दुनिया ने देखा कि ड्रोन हमले और एंटी-टैंक मिसाइलें टैंकों के लिए बड़ा खतरा बन चुकी हैं. ऐसे में रूस भारत के टैंकों में नए प्रोटेक्शन सिस्टम, एडवांस फायर कंट्रोल सिस्टम और आधुनिक सुरक्षा तकनीक लगाने का प्रस्ताव दे रहा है.

इस अपग्रेड के बाद भारतीय टैंक दुश्मन के ड्रोन और मिसाइल हमलों का ज्यादा प्रभावी तरीके से सामना कर सकेंगे.

भारत के भविष्य के टैंक प्रोजेक्ट में भी रूस की दिलचस्पी

रूस ने भारत के Future Ready Combat Vehicle (FRCV) प्रोजेक्ट में भी साझेदारी की इच्छा जताई है। यह भारत की अगली पीढ़ी के टैंक विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना मानी जा रही है.

रूस चाहता है कि उसकी आधुनिक तकनीक और भारत की निर्माण क्षमता को मिलाकर नए दौर के अत्याधुनिक टैंक तैयार किए जाएं.

यूक्रेन युद्ध से मिले सबक का इस्तेमाल

रूसी विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन युद्ध ने आधुनिक टैंक युद्ध की तस्वीर बदल दी है। अब सिर्फ भारी कवच वाले टैंक काफी नहीं हैं, बल्कि उन्हें इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा, एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम और ड्रोन डिफेंस से लैस करना जरूरी हो गया है।

इसी अनुभव के आधार पर रूस भारत के T-90 भीष्म टैंकों को और ज्यादा घातक और सुरक्षित बनाना चाहता है.

चीन की बढ़ती सैन्य ताकत से भारत सतर्क

चीन लगातार अपनी सेना को हाईटेक हथियारों से लैस कर रहा है। हाल ही में उसके नेक्स्ट जेनरेशन टैंक प्रोग्राम की खबरों ने एशिया में सैन्य संतुलन को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है.

ऐसे में भारत भी अपने बख्तरबंद बेड़े को आधुनिक बनाने पर फोकस कर रहा है ताकि भविष्य के युद्धों में तकनीकी बढ़त हासिल की जा सके.

भारत-रूस रक्षा साझेदारी को मिलेगा नया बल

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो भारत-रूस रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिल सकती है। इससे भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ेगी और देश की स्वदेशी रक्षा निर्माण योजनाओं को भी गति मिल सकती है.

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