दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को सता रहा है गिरफ्तारी का डर,CBI से मांगा एक सप्ताह का समय

 दिल्ली: दिल्ली के उप मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने पूछताछ के लिए रविवार को सीबीआई दफ्तर आने का सम्मन दिया था. सीबीआई दिल्ली आबकारी मामले की जांच कर रही है और इस जांच में आगे की पूछताछ के लिए एक बार फिर से डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को सीबीआई दफ्तर बुलाया गया है.

सुप्रीम कोर्ट में शर्मिंदगी का बदला लेना चाहती है सरकार – आप

सीबीआई के सम्मन पर आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का गुस्सा फूटा है. सिसोदिया ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि दिल्ली एमसीडी मेयर चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट में हुई हार का बदला लेने के लिए एक बार फिर से उन्हें सीबीआई परेशान कर रही है.

सिसोदिया ने सीबीआई से मांगा एक सप्ताह का समय

CBI से सम्मन मिलने के बाद मनीष सिसोदिया का कहना है कि केंद्र सरकार के निर्देश पर  सीबीआई उन्हें पूछताछ के नाम पर गिरफ्तार कर सकती है. इस समय दिल्ली सरकार राज्य के बजट को अंतिम रुप देने में लगी है. दिल्ली के बजट को आमूमन फरवरी के अंतिम सप्ताह में अंतिम रुप दे दिया जाता है,और मार्च के पहले सप्ताह में इसे विधानसभा में पेश किया जाता है. दिल्ली के वित्तमंत्री मनीष सिसोदिया ने अपने अनुरोध में सीबीआई से कहा है कि इस समय वे बजट को अंतिम रुप देने में लगे है ,इसलिए एक सप्ताह का समय दिया जाये.

सिसोदिया की गिरफ्तारी से रुक सकता है बजट का काम ,जी-20 की तैयारियों पर पड़ेगा असर – सौरभ भारद्वाज, प्रवक्ता, AAP

वहीं आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया कि सीबीआई दिल्ली आबकारी मामले में पहले ही सारे कागजात ले चुकी है, सिसोदिया समेत कई लोगों के घर पर छापेमारी हो चुकी है और पूछताछ भी हुई है. ऐसे में अगर मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी होती है तो बजट का काम रुक सकता है और इसका सीधा असर जी-20 की तैयारियों पर पड़ेगा.

सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि मनीष सिसोदिया हर पूछताछ में CBI के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी पूरा सहयोग रहेगा. हमारे पास छुपाने के लिए कुछ नहीं है. जितने भी काग़ज़ात हैं, सब दे चुके हैं, जितने भी लोग हैं, सबसे CBI पूछताछ कर चुकी है, फिर भी अगर CBI को मनीष सिसोदिया से कुछ और पूछना है, तो पूछ सकते हैं. अगर यह मामला सिर्फ CBI के हाथ में होता, तो हम किसी वक़ील से पूछते और वो बताता कि इस मामले में गिरफ़्तारी नहीं हो सकती हैं. लेकिन यह मामला राजनीतिक है. यहां जो केंद्र सरकार कहेगी, वही CBI को करना होगा. जिस तरह केंद्र हमारे हर काम में टांग अड़ाता है, मेयर तक के इलेक्शन में उन्होंने पूरी ताक़त झोक दी और आख़िरकार सुप्रीम कोर्ट से केंद्र सरकार को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी. ऐसे में लगता है कि इसका बदला लेने के लिए ही केंद्र सरकार मनीष सिसोदिया को गिरफ़्तार कराना चाहती है.

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