लोकसभा में एक तरफ जहां नेता विपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नहीं बोलने देने का मुद्दा छाया हुआ है वहीं सदन के बाहर नेता विपक्ष राहुल गांधी Rahul Gandhi उस किताब को लेकर पहुंचे जिसके नहीं छपे होने का दावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया है. पूर्व अर्मी चीफ जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी को मीडिया की ओर दिखाते हुए राहुल गांधी ने कहा, “जो उचित समझो, वो करो”. दरअसल इस किताब में जनरल मनोज मुकुंद नरवणे ने दावा किया है कि चीन के साथ 15 जून 2020 को जो गलवान घाटी में हिंसक झड़प हुई थी उस वक्त प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, एनएसए डोभाल ने उन्हें ये कहकर अकेला छोड़ दिया था कि “जो उचित समझो, वो करो”.
“जो उचित समझो, वो करो” pic.twitter.com/jDyA8Skygg
— Congress (@INCIndia) February 4, 2026
मैं खुद जाकर उन्हें (पीएम मोदी) को यह किताब थमा दूंगा-Rahul Gandhi
राहुल गांधी ने मीडिया के सामने जनरल मनोज मुकुंद नरवणे को दिखाते हुए कहा, जिसे खुद कांग्रेस पार्टी ने अपनी सोशल मीडिया साइट एक्स पर शेयर किया है, “वे कहते हैं कि यह किताब मौजूद नहीं है, लेकिन यह किताब यहाँ है. भारत के हर युवा को यह देखना चाहिए कि यह किताब मौजूद है. यह मिस्टर नरवणे की किताब है. ये जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जी की किताब है, लेकिन मुझे कहा गया है कि मैं इसे Quote नहीं कर सकता हूं. इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कही एक लाइन है- ”जो उचित समझो, वो करो” जब चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नरवणे जी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जी को फोन कर बताया- बॉर्डर पर चीन के टैंक आ गए हैं, हमें क्या करना है? लेकिन तब राजनाथ सिंह जी का कोई रिप्लाई नहीं आया. नरवणे जी ने उन्हें फिर फोन किया, जिस पर रक्षा मंत्री ने कहा- मैं ‘ऊपर’ से पूछता हूं. ‘ऊपर’ से ऑर्डर आया कि जब चीन की सेना हमारे बॉर्डर के अंदर आए तो बिना हमसे पूछे फायर न करें. हमारी सेना चीन के टैंकों पर हमला करना चाहती थी, क्योंकि वो भारत की सीमा में घुस आए थे. लेकिन इस मुश्किल समय में नरेंद्र मोदी जी ने मैसेज दिया- “जो उचित समझो, वो करो” मतलब प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की और सेना से कहा- ‘आपको जो करना है करो, मेरे बस की नहीं है’ आर्मी चीफ नरवणे जी ने अपनी किताब में साफ लिखा है- “मुझे सच में अकेलापन महसूस हुआ, मुझे पूरी व्यवस्था ने छोड़ दिया था.”
इसके बाद नेता विपक्ष रीहुल गांधी ने कहा, “मुझे नहीं लगता कि PM में आज लोकसभा आने की हिम्मत है. क्योंकि अगर वह आते हैं, तो मैं खुद जाकर उन्हें यह किताब थमा दूंगा.”
They say the book doesn’t exist, but here is the book. Every youngster in India should see that this book exists. This is Mr. Naravane’s book.
ये जनरल मनोज मुकुंद नरवणे जी की किताब है, लेकिन मुझे कहा गया है कि मैं इसे Quote नहीं कर सकता हूं।
इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की… pic.twitter.com/NY2aaJilff
— Congress (@INCIndia) February 4, 2026
बीेजेपी का राहुल गांधी के भाषण पर क्या कहना है
राहुल गांधी के लोकसभा में भा,ण को लेकर बीजेपी का कहना है कि वो सेना के मनोबल को तोड़ना चाहते हैं. उनका कहना है कि राहुल देश को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.
ये भी पढ़ें-चर्चा से इनकार के बाद लोकसभा में सिर्फ US-India trade deal पर भाषण देकर निकल गए पीयूष गोयल

