SC Hearing on SIR: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी राज्य में वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ अपनी याचिका की सुनवाई के लिए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं. बनर्जी एक ट्रेंड वकील हैं और आज इस मामले में दलीलें दे सकती हैं.
वह लंबे समय से राज्य में SIR ड्राइव का विरोध कर रही हैं और चाहती हैं कि राज्य में आने वाले विधानसभा चुनाव 2025 की वोटर लिस्ट के हिसाब से कराए जाएं.
आज सुप्रीम कोर्ट में उनकी संभावित पेशी भारत के चुनाव आयोग (ECI) के साथ उनके चल रहे टकराव को और बढ़ा सकती है.
#WATCH | Delhi: West Bengal CM Mamata Banerjee in Supreme Court to appear before the apex court in the SIR (Special Intensive Revision) matter today pic.twitter.com/Eqi5v2QrWv
— ANI (@ANI) February 4, 2026
CJI की अगुवाई वाली तीन जजों की बेंच पूरे दिन बैठेगी
बार एंड बेंच के मुताबिक, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अगुवाई वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच पूरे दिन बैठेगी. हालांकि, यह साफ नहीं है कि SIR के खिलाफ याचिकाओं के बैच पर सुनवाई कब शुरू होगी.
CJI के अलावा, बेंच में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम पंचोली शामिल होंगे.
SIR के खिलाफ और किसने याचिका दायर की है?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अकेली नहीं हैं जिनकी SIR के खिलाफ याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी.
मोस्तरी बानू और TMC MP डेरेक ओ’ब्रायन और डोला सेन की याचिकाओं पर भी आज सुनवाई होगी.
SC Hearing on SIR: बंगाल की CM कोर्ट रूम 1 में बैठीं
बार एंड बेंच ने बुधवार को बताया कि ममता बनर्जी सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम 1 में बैठी हैं. वह SIR के खिलाफ कई याचिकाओं की सुनवाई के दौरान मौजूद रहेंगी और अपना केस भी लड़ सकती हैं, ऐसा करने वाली वह पहली मौजूदा CM हैं.
क्या तृणमूल सुप्रीमो आज अपना केस खुद लड़ेंगी?
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ अपने केस में दलीलें देकर ECI के साथ अपने चल रहे टकराव को और बढ़ा सकती हैं.
बार एंड बेंच के मुताबिक, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में खुद बहस करने की इजाज़त के लिए एक इंटरलोक्यूटरी एप्लीकेशन दी थी. अगर उन्हें ऐसा करने की इजाज़त मिलती है, तो वह सुप्रीम कोर्ट के सामने खुद अपना केस लड़ने वाली पहली मौजूदा मुख्यमंत्री बन जाएंगी.
पिछली SIR सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा था
12 जनवरी को अपनी पिछली सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने ECI को पश्चिम बंगाल में SIR को ज़्यादा ट्रांसपेरेंट, आसान और वोटर-फ्रेंडली बनाने के निर्देश दिए थे. बेंच ने कहा, “आम लोगों पर कितना दबाव और दबाव हो रहा है, देखिए. एक करोड़ से ज़्यादा लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं…हम कुछ ऑर्डर पास करने जा रहे हैं.”

