Wednesday, February 11, 2026

Budget 2026: हम संसद में कहेंगे अपनी बात- राहुल गांधी, सपने दिखाने वाले बजट है- अखिलेश यादव

Budget 2026: संसद में बजट पेश होने के बाद जहां बाज़ार में हाहाकार मची है वहीं विपक्ष खासकर कांग्रेस इस बजट पर अभी कुछ प्रतिक्रिया देने से बच रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने जहां बजट पर संसद में अपनी प्रतिक्रिया देने की बात कहीं तो शशि थरूर ने कहा की बजट पढ़ने के बाद कहेंगे अपनी बात.
वहीं एसपी प्रमुख अखिलेश यादव ने बजट को सपने दिखाने वाला बजट बताया तो आरजेडी नेता मीसा भारती ने कहा कि बजट में वादे बहुत हैं, लेकिन साथ ही पूछा की पिछले बजट के वादों का क्या हुआ.

Budget 2026: संसद में कहेंगे अपनी बात-राहुल गांधी

केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “कल कहोगे। (अपनी बात रखने के लिए) संसद का इस्तेमाल करेंगे.”

सपने दिखाने वाले बजट है- अखिलेश यादव

केंद्रीय बजट 2026 पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “ये गरीब किसान और गांव में रहने वाले लोगों के समझ से बाहर बजट है. ये बजट गरीब का पेट नहीं भर सकती है. नौकरी रोजगार दिए नहीं… सपने दिखाने वाले बजट है.”

इस बार बजट समझ से परे है- मीसा भारती

केंद्रीय बजट 2026 पर RJD सांसद मीसा भारती ने कहा, “हमें बजट समझ नहीं आ रहा है. इसमें बड़े-बड़े वादे किए गए हैं. आज तक जितने बजट पेश किए गए हैं उनमें वादे किए गए हैं लेकिन उसके अनुरूप सरकार काम नहीं करती है. इसमें महिलाओं, किसानों, युवाओं और रेलवे पर कुछ नहीं कहा गया है… इस बार बजट समझ से परे है.”

आज के भारत की उपेक्षा करते हुए नज़र आ रहे हैं-हरीश रावत

केंद्रीय बजट 2026 पर कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कहा, “ये 2047 के विकसित भारत का नक्षा खींचते-खींचते आज के भारत की उपेक्षा करते हुए नज़र आ रहे हैं. किसान, नौजवान और महिलाओं के लिए इस बजट में कोई प्रावधान नहीं है. रोजगार बढ़ाने के क्षेत्र में यह बजट कोई सीधी पहल करता हुआ नजर नहीं आ रहा है…”

स्पीच में बहुत कम डिटेल्स थीं- शशि थरूर

यूनियन बजट पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “हमें बहुत कम डिटेल्स मिलीं. 3-4 हेडलाइंस थीं, लेकिन हम ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद का इंतज़ार कर रहे थे. वह कहां है? हम इसे केरल में चाहते थे. हमारे यहां आयुर्वेद की बहुत पुरानी परंपरा है. लेकिन हमने केरल का नाम नहीं सुना. हमने मछुआरों और नारियल के नाम सुने – वह केरल हो सकता है…लेकिन जब उन्होंने शिप रिपेयर की बात की, तो उन्होंने वाराणसी और पटना का नाम लिया लेकिन केरल का नहीं. यह थोड़ा हैरान करने वाला है. शायद बजट डॉक्यूमेंट में और डिटेल्स हों. मैंने अभी उसे पढ़ा नहीं है. स्पीच में बहुत कम डिटेल्स थीं.”

ये भी पढ़ें-Budget 2026: लक्ज़री घड़ियों से लेकर लेदर के सामान तक क्या सस्ता होगा और क्या महंगा? जानिए शिक्षा के लिए किए गए बड़े ऐलान

Latest news

Related news