त्रिपुरा विधानसभा चुनावों के लिए आज वोट डाले जा रहे है. सुबह 11 बजे तक 32.6 प्रतिशत मतदान होने की खबर है. मतदान में खासकर बुजुर्ग और महिलाएं के बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने रहे हैं. वैसे तो मतदान शांतिपूर्ण रहने की खबर है सिर्फ दक्षिण त्रिपुरा के 36-शांतिरबाजार निर्वाचन क्षेत्र में कलाचेरा मतदान केंद्र से झड़प की खबर है. बताया जा रहा है कि यहां सीपीआई समर्थक की पिटाई की गई है. जिसके बाद पुलिस अधिकारी समर्थक को अस्पताल ले गए हैं. इस मामले में शांतिबाजार थाने में स्वत: संज्ञान लेते हुए एफआईआर भी दर्ज कराई गई है. पुलिस का जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कह रही है.
इसके साथ ही सीपीएम नेता और पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने भी कई जगह गड़बड़ियां होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि, “हमें जानकारी मिल रही है कि कुछ जगह भाजपा के कुछ बदमाश मतदान के दौरान परेशानी पैदा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, जिससे मतदाता निडरता से अपना वोट न डाल सकें. कुछ जगह पर मतदाता सड़कों पर प्रदर्शन भी कर रहे हैं.”
हमें जानकारी मिल रही है कि कुछ जगह भाजपा के कुछ बदमाश मतदान के दौरान परेशानी पैदा करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, जिससे मतदाता निडरता से अपना वोट न डाल सकें। कुछ जगह पर मतदाता सड़कों पर प्रदर्शन भी कर रहे हैं: त्रिपुरा विधानसभा में विपक्ष के नेता और CPI (M) नेता माणिक सरकार https://t.co/KdDP8RjI9p pic.twitter.com/oJqGYyHcb3
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 16, 2023
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किस पार्टी के है कितने उम्मीदवार
राज्य में विधानसभा की 60 सीटें पर 259 प्रत्याशी मैदान में हैं. 259 उम्मीदवारों में से, सबसे ज्यादा 55 उम्मीदवार सत्तारूढ़ दल बीजेपी के है, इसके बाद सीपीएम के 43, स्थानीय पार्टी टिपरा मोथा पार्टी ने 42 उम्मीदवार मैदान में उतारे है, तो तृणमूल कांग्रेस ने भी 28 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. कांग्रेस यहां 60 में से सिर्फ 13 स्थान पर चुनाव लड़ रही है.
इसके अलावा 58 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में है इनके साथ ही विभिन्न छोटे दलों ने भी अपने 14 उम्मीदवार खड़े किए है. मतदान सुबह 9 बजे से शाम चार बजे तक बिना किसी विराम के चलेगा.
रियांग आदिवासी पहली बार वोट डालेंगे
इस चुनाव में मिजोरम से विस्थापित हुए कुल 14,005 रियांग आदिवासी भी पहली बार वोट डालेंगे, 26 साल पहले मिजोरम में जातीय समस्याओं के कारण ये लोगों को त्रिपुरा में विस्थापित होना पड़ा था.
अक्टूबर 1997 में और उसके बाद के सालों में 37,136 रियांग आदिवासियों के त्रिपुरा भाग आने के बाद ये पहला मौका है जब उन्हें मतदान का अधिकार मिला है. उत्तर त्रिपुरा के कंचनपुर और पानीसागर उपखंडों के राहत शिविरों में शरण लेने वाले ये रियांग आदिवासी, जिन्हें स्थानीय रूप से ब्रू कहा जाता है, चार जिलों के विभिन्न मतदान केंद्रों पर अपना वोट डालेंगे.

