बेटे की रिहाई के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही है बूढ़ी मां,आरोप है कि पुलिस ने निर्दोष को बली का बकरा बनाया

भागलपुर (अजय कुमार , संवाददाता) भागलपुर के अलीगंज में वर्ष 2019 में हुए काजल एसिड कांड मामले में पुलिस ने रंजीत नाम के एक युवक को संदेह के आधार पर गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था. गिरफ्तार आरोपी रंजीत शाह की मां का कहना है कि पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर केवल खानापूर्ति के लिए बिना सत्यापन के उनके बेटे को फंसाया और उसे गिफ्तार कर लिया. अबतक पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोई सबूत पेश नहीं किया है इसके बावजूद आरोपी रंजीत साह पिछले डेढ़ साल से जेल में है. आरोपी रंजीत की बुजुर्ग मां हाथ में आवेदन लिये मुख्यमंत्री से लेकर अधिकारियों तक के दरवाजे पर जा रही है .बेटे की रिहाई की मांग को लेकर आरोपी की  मां ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लिखित आवेदन देते हुए सीबीआई जांच की मांग की है. सोमवार को रंजीत शाह के पूरे परिवार डीएम कार्यालय पहुंचा और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की.

रंजीत शाह के भाई ने बताया कि पुलिस ने इस केस में अनुसंधान किए बगैर मीडिया के दबाव और सूचक के प्रभाव में आकर निर्दोष व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करके अपनी खानापूर्ति की है.

रंजीत शाह का पूरा परिवार डीएम कार्यालय पहुंचा और वहां पर उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक दबाव में पुलिस ने निर्दोष लोगों पर कार्रवाई की है. इस मामले में पुलिस ने ढाई साल बाद रंजीत साह को उनके घर से उठायी है.रंजीत पिछले डेढ़ साल से जेल मे बंद हैं

रंजीत शाह के भाई ने बताया कि रंजीत इंग्लिश ऑनर्स से ग्रेजुएशन कंप्लीट कर चुका है इसके अलावा रेलवे में जॉइनिंग लेटर भी आ चुका है लेकिन निर्दोष भाई अभी जेल में बंद है पुलिस ने अपनी उपलब्धि गिनाने के लिए पढ़े-लिखे बुद्धिजीवी लोगों को बिना जांच किए गलत रिपोर्ट कोर्ट में समर्पित किया है.

 

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