Swami Avimukteshwara Nand : प्रयागराज में चल रहे माध मेले के दौरान मेला प्रशासन और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच का विवाद बढ़ता ही जा रहा है. अभी तक प्रशासन से नाराज स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अब सीएम पर सीधे निशाना साध लिया है.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी ने खुलकर कहा:
‘डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समझदार हैं,उन्हें ही CM होना चाहिए। जो अकड़ में बैठा हो, उसे नहीं।’
माघ मेला विवाद के बीच बड़ा राजनीतिक तीर! pic.twitter.com/rVFzX58xwq— Ashq (@iamashk39) January 24, 2026
Swami Avimukteshwara Nand : ऐसे समझदार व्यक्ति को सीएम होना चाहिये
संगम की रेती पर पिछले 7 दिन से धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को होना चाहिये. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बयान तब दिया है, जब केश प्रसाद मौर्या ने एक बयान दिया .
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के धरने पर बैठने की घटना को लेकर कहा कि अब स्वामी जी को स्नान कर लेना चाहिये . केशव प्रसाद मौर्या ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि – ‘स्वामी जी को उनका दंडवत प्रणाम है. उन्हें स्नान कर लेना चाहिये, उनसे यही प्रार्थना है,और इस विषय का समापन करें.’
#जनता न्यूज़ के सवाल पर, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने U.G.C पर इतना घटिया बयान दिया है कि जो पीछे रह गए उनको आगे बढ़ाने के लिए कानून बनाया गया है मतलब फर्जी केस लगाकर बच्चे का करियर खत्म करके आप आगे बढ़ोगे बच्चों को जेल में डालकर मानवता को शर्मसार करोगे अपने वोट बैंक के लिए pic.twitter.com/dKfSCvn7Mq
— Akriti Tripathi (@akrititrip93018) January 23, 2026
डिप्टी सीएम केशव मौर्या के इसी बयान को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य एक समझदार व्यक्ति हैं, इसीलिए उन्होंने कहा कि शंकराचार्य को स्नान कर लेना चाहिए. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि केशव प्रसाद मौर्य ये मानते हैं कि उनके अधिकारियों से कुछ गलती हो गई है. उनका यह समझदारी भरा बयान है.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यहा तक कहा कि केशव प्रसाद मौर्य ने एक सही बात सामने रखी है. इसकेसाथ ही बीजेपी को एक सलाह देते हुए उन्होने कहा कि “ बीजेपी को ऐसे ही समझदार व्यक्ति को उत्तरप्रदेश का मुख्यमंत्री बनना चाहिए था. बीजेपी एगर ऐसा करती तो प्रदेश के लिए अच्छा होता.
पुरी के शंकराचार्य का भी आया बयान
इस पूरे विवाद पर अब पुरी मठ के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती का भी बयान सामने आया है. उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद को लेकर कहा कि ये उनकी इच्छा कि वो सम्मान स्नान करेंस तो शंकराचार्य की इच्छा पर अंकुश नहीं लगा सकते हैं. शंकराचार्य को ये भी नहीं कह सकते कि तुम पालकी से उथरो और पैदल जाओ. तुम शंकराचार्य से ये भी नहीं कह सकते कि तुम पालकी पर चढ़ो,पैदल नहीं जा सकते. शंकराचार्य ने कहा कि प्रशासन ने तामझाम को रोका होगा
अविमुक्तेश्वरानंद की नौटंकी को झटका-🔥
शंकराचार्य श्री निश्चलानंद जी ने कहा “स्नान से नहीं” बल्कि “तामझाम” से रोका गया होगा-
शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती जी तामझाम के अहंकार को समझ गये हैं। ❤️👌 pic.twitter.com/6Q3LRX8BPZ
— Sudhir Mishra 🇮🇳 (@Sudhir_mish) January 23, 2026
जिद पर अड़े स्वमी अविमुक्तेश्वरानंद, कहा प्रशासन माने अपनी गलती
फिलहाल पिछले सात दिन से मेला प्रशासन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि वो तब तक यहां धरने पर बैठे रहैंगे जब कि कि प्रशासन अपनी गलती मान नहीं लेता और उन्हें ससम्मान गंगा स्नान के लिए नहीं ले जाता, साथ ही प्रशासन द्वारा भविष्य के लिए ये भी ये सुनिश्चित नहीं कर दिया जाता कि आगे से ऐसा नहीं होगा.
आपको बता दें कि पिछले 7 दिन से माध मेले के बाहर धरने पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रमुख स्नानों से एक माने जाने वाले वंसत पंचमी स्नान भी नहीं किया. पिछले दो दिन में मौसम के बदलाव के कारण संगम के किनारे रेती पर बैठे स्वामी अविमुक्तेश्वरा नंद की तबियत बिगड़ने की भी खबर आई. अपनी तबियत को लेकर उन्होने कहा कि पूरब की हवा में ज्यादा देर बैठने से शरीर में थकान आ गई थी लेकिन कंबल ओढ़ कर उन्होने खुद को सुरक्षित कर लिया है.

