Republic Day Parade में इस बार सेना अपनी वो ताकत दिखाने वाली है जिसने पाकिस्तान के दांत खट्टे कर दिए थे. एयर कमोडोर मनीष सभरवाल ने कहा कि S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, जिसने पिछले साल मई में पाकिस्तान के साथ मिलिट्री टकराव के दौरान भारत की रक्षा की थी, उसे 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस 2026 परेड में डिपार्टमेंट ऑफ मिलिट्री अफेयर्स की झांकी में पहली बार दिखाया जाएगा.
पिछले साल अगस्त में एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने पुष्टि की थी कि भारत के S-400 ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पांच पाकिस्तानी फाइटर जेट्स को मार गिराया था. यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए आतंकी ढांचे को निशाना बनाकर शुरू की गई थी.
“त्रि-सेवा झांकी – ऑपरेशन सिंदूर” है रक्षा विभाग की झांकी का थीम
इस साल, सैन्य मामलों का विभाग “त्रि-सेवा झांकी – ऑपरेशन सिंदूर” पेश कर रहा है, जो भारत के सशस्त्र बलों के ऑपरेशनल तालमेल और सफल संयुक्त अभियानों को उजागर करता है.
मेजर जनरल नवराज ढिल्लों ने शुक्रवार को कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार लगातार चौथी बार परेड का नेतृत्व करेंगे. परेड में कुल 6,050 सैन्यकर्मी हिस्सा लेंगे. उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में भैरव, शक्तिबाण, UGV और ATAGS सहित सैन्य उपकरण भी शामिल होंगे.
Republic Day Parade में इस साल होगी कुल 30 झांकियां
कुल मिलाकर, 26 जनवरी को नई दिल्ली में 77वें गणतंत्र दिवस परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर 30 झांकियां निकलेंगी. इनमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) की 17 झांकियां और विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और सेवाओं की 13 झांकियां शामिल हैं.
रक्षा मंत्रालय की एक रिलीज़ के अनुसार, गणतंत्र दिवस समारोह में ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ थीम के तहत एक शानदार विज़ुअल शो दिखाया जाएगा.
झांकियां राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने और सभी सेक्टरों में बढ़ती आत्मनिर्भरता से देश की तेज़ प्रगति का एक अनोखा संगम पेश करेंगी, साथ ही भारत की समृद्ध और विविध सांस्कृतिक विरासत को भी दिखाएंगी.
Republic Day Parade में शामिल होने वाली झांकियों के होंगे अलग अलग थीम
शामिल झांकियों में असम – अशारिकांडी – असम का टेराकोटा क्राफ्ट विलेज; छत्तीसगढ़ – आज़ादी का मंत्र – वंदे मातरम; गुजरात – स्वदेशी का मंत्र – आत्मनिर्भरता – आज़ादी: वंदे मातरम; केरल – वॉटर मेट्रो और 100 प्रतिशत डिजिटल साक्षरता; महाराष्ट्र – गणेशोत्सव; मणिपुर – समृद्धि की ओर; नागालैंड – हॉर्नबिल फेस्टिवल – संस्कृति, पर्यटन और आत्मनिर्भरता का उत्सव; तमिलनाडु – समृद्धि का मंत्र; संस्कृति मंत्रालय – वंदे मातरम – एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार; और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय – भारत कथा शामिल हैं.
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