बागपत |उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में मंगलवार सुबह कुदरत के कहर और रफ्तार के जानलेवा तालमेल ने एक बड़े हादसे को अंजाम दिया। दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर बने खेकड़ा-अक्षरधाम एलिवेटिड हाईवे पर घने कोहरे के चलते एक के बाद एक 20 से अधिक वाहन आपस में टकरा गए। इस भीषण सड़क दुर्घटना में 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें से कई की हालत नाजुक है। हसनपुर मसूरी गांव के पास यह हादसा उस वक्त हुआ जब दृश्यता (विजिबिलिटी) शून्य के करीब थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कोहरा इतना घना था कि चंद फीट की दूरी पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। अचानक एक वाहन के ब्रेक मारने से पीछे आ रही गाड़ियां टकराती चली गईं। लग्जरी कारों से लेकर मालवाहक वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और चारों तरफ घायल यात्रियों की चीख-पुकार मच गई।
पुलिस और रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की जानकारी मिलते ही बागपत और खेकड़ा कोतवाली पुलिस भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों में फंसे घायलों को बाहर निकाला। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 30 से अधिक घायलों को खेकड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और जिला अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर किया गया है।
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एएसपी ने किया निरीक्षण
हादसे की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रवीण सिंह चौहान ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने क्रेन मंगवाकर क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से किनारे करवाया ताकि यातायात सुचारू किया जा सके। एएसपी ने अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज के निर्देश दिए। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान वाहनों की रफ्तार धीमी रखें और फॉग लाइट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें।
हादसों का 'हॉटस्पॉट' बना हाईवे
हैरानी की बात यह है कि इसी एलिवेटिड हाईवे पर ठीक दो दिन पहले भी इसी तरह का बड़ा हादसा हुआ था, जिसमें दर्जनों वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे। बार-बार हो रहे इन हादसों ने हाईवे पर सुरक्षा मानकों और कोहरे के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कोहरे का प्रकोप बढ़ने के साथ ही प्रशासन ने अब हाईवे पर पेट्रोलिंग बढ़ाने और रिफ्लेक्टिव टेप लगाने के निर्देश जारी किए हैं।

