Friday, January 16, 2026

छत्तीसगढ़ बना देश का पहला राज्य जिसने लीथियम खदान की नीलामी

Lithium mine auction रायपुर : छत्तीसगढ़ राज्य प्राकृतिक संसाधनों और खनिज संपदा में समृद्ध है. राज्य सरकार द्वारा खनिजों के विकास और दोहन की योजनाबद्ध कार्यवाही के चलते खनिज राजस्व में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है. इसी क्रम में छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया जिसने लीथियम खदान की नीलामी की. इस नीलामी के विजेता मैकी साउथ माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड (Maiki South Mining Pvt Ltd / MSMPL) हैं जो कोलकाता बेस्ड  है. कंपनी को 76.05% प्रीमियम (रिजर्व प्राइस 2% के मुकाबले) पर ब्लॉक मिला, जो रिजर्व प्राइस से 38 गुना ज्यादा था. 

लिथियम से भरा ये खदान  कोरबा जिले के कटघोरा तहसील  के घुचापुर क्षेत्र के आसपास स्थित है. यहां लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में लिथियम (10 से 2000 PPM तक) की पुष्टि Geological Survey of India (GSI) ने की है.

केंद्र सरकार के (खान मंत्रालय) द्वारा 2023-2024 में क्रिटिकल मिनरल्स की पहली ट्रांश (ट्रेंच) में नीलामी की गई. कोरबा के लीथियम ब्लॉक की ये नीलामी देश की पहली सफल लिथियम ब्लॉक नीलामी है. इससे पहले जम्मू-कश्मीर के रियासी ब्लॉक में भी प्रयोग करने की कोशिश की गई थी लेकिन यहां कोशिश असफल रही. सरकार ने नीलामी में
कंपनी को कंपोजिट लाइसेंस (Composite Licence) दिया गया, जिसमें सर्वे, टेस्टिंग और माइनिंग दोनों शामिल हैं.फिलहाल ये तीन वर्षों के लिए दिया गया है, बाद में इसे बढाया भी जा सकता है.

Lithium mine auction : खनिज राजस्व और आर्थिक योगदान

राज्य गठन के समय 429 करोड़ रुपये खनिज राजस्व में वृद्धि करते हुए, रजत जयंती वर्ष 2024-25 तक यह बढ़कर 14,592 करोड़ रुपये हो गया. वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक खनिजों से राज्य को लगभग 10,345 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हो चुका है. राज्य खनिज उत्पादन में 17 प्रतिशत का योगदान देता है और कुल सकल घरेलू उत्पाद में इसका हिस्सा लगभग 10 प्रतिशत है.

डीएमएफ और विकास परियोजनाएं

प्रधानमंत्री खनिज कल्याण क्षेत्र योजना 2024 के दिशानिर्देशों के तहत, छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 में संशोधन किए गए. अब तक डीएमएफ के अंतर्गत 16,742 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं और 1,07,689 परियोजनाओं की स्वीकृति दी गई है, जिनमें से 75,901 पूर्ण हो चुकी हैं.

क्रिटिकल मिनरल्स और रोजगार के अवसर

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खनिज खोज विकास न्यास (NMET) की स्थापना की, जिसमें 2015-16 से दिसंबर 2025 तक 1,159 करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं. प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण में क्रिटिकल मिनरल्स को विकसित भारत 2047 की दृष्टि से अति-महत्वपूर्ण माना गया है. छत्तीसगढ़ में कोरबा जिले की कटघोरा तहसील में लीथियम और अन्य दुर्लभ खनिजों की नीलामी की गई है, जिससे स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.

राज्य के सुकमा और बस्तर जिले में क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल्स जैसे लीथियम, नियोबियम, टैंटेलम और आरईई की खोज के लिए निजी क्षेत्र की एक्सप्लोरेशन एजेंसियों को NMET के तहत परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं.

 लिथियम खनन का महत्व 

उम्मीद की जा रही है कि लिथियम ब्लॉक की नीलामी से  (EV बैटरी, मोबाइल, लैपटॉप आदि के लिए) भारत के इस इस खनिज के उत्पादन के क्षेत्र  में आत्मनिर्भर बनाने में बड़ी मदद मिलेगी,क्योंकि भारत अभी 70-80% लिथियम चीन से आयात करता है.

पर्यावरण के लिए संभावित खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि लिथियम के खनन से जुड़े कुछ दुष्परिणाम भी हो सकते है. संभावना है कि लिथियम खनन से फ्लोरा-फॉना पर विषाक्त प्रभाव हो सकता है, इसलिए सतर्कता बरतना जरूरी है.

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